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मंदिर में एक ही भगवान की दो मूर्तियां होने से लगता है भयंकर दोष! जान लें ये वास्तु नियम

Published: Tue, 19 May 2026 12:00 PM (IST)

वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर के मंदिर में एक ही भगवान की एक से अधिक मूर्तियां नहीं रखनी चाहिए। ऐसा ...और पढ़ें

घर के मंदिर में 2 मूर्तियां? हो सकता है भारी वास्तु दोष (Picture Credit- AI Generated)

घर के मंदिर में 2 मूर्तियां? हो सकता है भारी वास्तु दोष (Picture Credit- AI Generated)  

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। सनातन धर्म में मंदिर को महत्वपूर्ण स्थान पर माना जाता है। घर का मंदिर शांति और सकारात्मक ऊर्जा का सबसे बड़ा और पवित्र केंद्र होता है। रोजाना मंदिर में पूजा-अर्चना करने से साधक के मन को असीम शांति का अनुभव होता है और जीवन खुशियों का आगमन होता है।

लोग सुख-समृद्धि में वृद्धि के लिए भगवान की सुंदर मूर्तियां और तस्वीरें लाते हैं और मंदिर में विराजमान कर उनकी रोजाना पूजा-अर्चना करते हैं। कई बार लोग भक्ति भाव में भगवान की एक से अधिक मूर्तियां अपने मंदिर में स्थापित कर लेते हैं, जिसकी वजह से पूजा का पूर्ण फल प्राप्त नहीं होता है और जीवन में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
अब आपके मन में सवाल आ रहा होगा कि मंदिर में एक ही भगवान की एक से अधिक मूर्तियां क्यों नहीं रखनी चाहिए। आइए इस लेख में आपको बताते हैं इसकी वजह के बारे में।

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(Picture Credit- AI Generated)  

घर में सुख-शांति का नहीं होगा वास- वास्तु शास्त्र में बताया गया है कि जब किसी मूर्ति की पूजा-अर्चन की जाती है, तो मूर्ति के चारों ओर सकारात्मक ऊर्जा का निर्माण होता है। ऐसे में अगर मंदिर में एक ही भवगान की दो मूर्तियां होंगी, तो ऊर्जा का आपस में टकराव होगा। इससे घर में सुख-शांति का वास नहीं होगा।

एकाग्रता और ध्यान में बाधा- रोजाना सुबह और शाम पूजा करने का मुख्य उद्देश्य एक यह भी माना जाता है कि ईश्वर के एक स्वरूप पर ध्यान केंद्रित करना है। जब मंदिर में एक ही भगवान की दो मूर्तियां होती हैं, तो पूजा के दौरान साधक का ध्यान भटक सकता है। इसकी वजह से पूजा का पूर्ण फल और मानसिक शांति प्राप्त नहीं हो पाती।

वास्तु दोष की हो सकती है समस्या- ऐसा माना जाता है कि मंदिर में शिवलिंग या भगवान गणेश की एक से अधिक मूर्तियां रखने से व्यक्ति को वास्तु दोष की समस्या का सामना करना पड़ सकता है। जीवन में धन हानि और गृह-क्लेश परेशानी आ सकती है।

हो सकता है आर्थिक नुकसान- मंदिर में एक ही भगवान की दो मूर्तियों को एक-दूसरे के ठीक आमने-सामने रखने से वास्तु दोष लग सकता है। मूर्ति से निकलनी वाली ऊर्जा आपस में कटती हैं, जिसकी वजह से घर की बरकत रुक जाती है और परिवार के सदस्यों को आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ सकता है।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।