Home Vastu Tips: व्यक्ति अपने जीवन को सुखमय बनाने के लिए नित नये-नये उपाय करता रहता है। वह अपने जीवन को सुविधाजनक बनाने के लिए गाड़ी, नौकरी, पैसा घर आदि चीजों की व्यवस्था करता है। इसमें सबसे अहम होता है खुद का घर। कुछ लोग घर खरीदते हैं और कुछ लोग घर बनवाते हैं। इसके निर्माण के समय हमें बहुत सारी चीजों का ख्याल रखना पड़ता है। घर में क्या होना चाहिए, कहां होना चाहिए, कैसा होना चाहिए। हर एक बारीक से बारीक चीज का ध्यान रखना पड़ता है। आइए जानते हैं कि वास्तु के अनुसार नए घर के निर्माण में किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

1. भवन निर्माण की सामग्री में ईंट, लोहा, पत्थर, मिट्टी, लकड़ी आदि चीजें मकान में नए ही लगाने चाहिए। पुराने मकान में उपयोग की गई लकड़ी, नए मकान में लगा सकते हैं।

2. घर के आग्नेय कोण में वट, पीपल, सेमल, पाकड़ और गूलर का वृक्ष नहीं होना चाहिए। इससे पीड़ा और मृत्यु का सामना करना पड़ सकता है।

3. घर के दक्षिण में पाकड़ वृक्ष रोग, उत्तर में गूलर वृक्ष नेत्ररोग उत्पन्न करते हैं। जिस घर में बेर, केला, अनार, पीपल और नीबू होते हैं, उस घर की वृद्धि नहीं होती।

4. घर का मुख्य द्वार जिस दिशा में बनाना हो, उस तरफ से मकान की लंबाई को नौ बराबर भागों में बांटकर पांच भाग दाएं और तीन भाग बाएं छोड़कर शेष भाग में मुख्य द्वार बनाना चाहिए। घर से बाहर निकलने की तरफ को दायां माना जाता है।

5. मुख्य द्वार पूर्व अथवा उत्तर में स्‍थित हो, तो समृद्धि देने वाला होता है। दक्षिण में स्थित होने पर स्त्रियों के लिए दु:खदायी होता है।

6. मुख्य द्वार के सामने वृक्ष होने से घर के मालिक को कई रोग हो सकते हैं। खंभा एवं चबूतरा होने से मृत्यु की अशंका रहती है, इसीलिए घर निर्माण के समय छोटी सी छोटी बात का ख्याल रखना पड़ता है।

डिसक्लेमर

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