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सावधान! घर के मंदिर में भूलकर भी न करें वास्तु से जुड़ी ये 4 गलतियां, रुक जाएगी तरक्की

Published: Sun, 11 Oct 2026 07:19 PM (IST)

घर के मंदिर में वास्तु नियमों का पालन करना महत्वपूर्ण है, क्योंकि गलतियां नकारात्मक ऊर्जा ला सकती हैं और तरक्की रोक सकती हैं।

घर के मंदिर में वास्तु की ये 4 गलतियां लाती हैं वास्तु दोष (Picture Credit: AI Generated)

घर के मंदिर में वास्तु की ये 4 गलतियां लाती हैं वास्तु दोष (Picture Credit: AI Generated)

HighLights

  1. बासी फूल मंदिर से तुरंत हटा दें।

  2. मंदिर में जला या गंदा कपड़ा न बिछाएं।

  3. फटी धार्मिक किताबें और खंडित मूर्तियां न रखें।

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में घर के मंदिर का विशेष महत्व होता है और इसे सकारात्मक ऊर्जा का केंद्र माना जाता है। वास्तु के अनुसार यदि घर का मंदिर सही दिशा और स्थान पर बना होता है, तो समृद्धि लाता है और गलत दिशा में होने के कारण इस स्थान पर पूजा के पूर्ण फल प्राप्त नहीं होते हैं।

घर का मंदिर हमेशा एक शांत स्थान पर होना चाहिए जिससे पूजा के समय इस स्थान पर मन लगे। वास्तु शास्त्र में भी मंदिर की दिशा, साफ-सफाई और वहां रखी जाने वाली वस्तुओं का विशेष महत्व होता है।

ऐसे में अगर घर के मंदिर में आप वास्तु से जुड़ी कुछ गलतियां करते हैं, तो इससे पूजा के वातावरण पर असर पड़ सकता है और आपकी भक्ति में बाधा भी आ सकती है। आइए जानते हैं घर के मंदिर से कौन सी ऐसी गलतियां हैं जिनसे आपको बचना चाहिए।

मंदिर से बासी फूल न हटाना

अक्सर देखा जाता है कि मन पूजा में जो भी फूल चढ़ाते हैं उन्हें सूखने के बाद भी हटाना भूल जाते हैं। ऐसे में ये फूल कई दिनों तक चढ़े रहते हैं।

अगर वास्तु की मानें तो घर के मंदिर में मुरझाए हुए या बासी फूल रखने से आपको पूजा का पूर्ण फल नहीं मिलता है और ईश्वर की कृपा भी प्राप्त नहीं होती है। जब भी आप नियमित की पूजा करें सबसे पहले बासी फूलों को मंदिर से हटाएं उसके बाद देवी-देवताओं को ताजे फूल चढ़ाकर पूजा करें।

मंदिर में जला या गंदा कपड़ा बिछाना

कई बार देखा जाता है कि मंदिर में बिछा कपड़ा मंदिर की ज्योत या फिर माचिस से जल जाता है या फिर कई दिनों तक एक ही कपड़ा गंदा होने के बाद भी मंदिर में बिछा रहता है।

आपको मंदिर में बिछा कपड़ा सप्ताह में कम से कम एक बार बदलना चाहिए। यदि आप ऐसा नहीं कर आप रहे हैं, तो हर पूर्णिमा तिथि के दिन मंदिर की सफाई अवश्य करें। भूलकर भी गंदा कपड़ा इस स्थान पर न बिछाएं।

फटी हुई धार्मिक किताबें रखना

धार्मिक ग्रंथों और पूजा-पाठ की पुस्तकों को घर के मंदिर में सम्मानपूर्वक रखा जाता है। कई बार हम कुछ किताबों को कई दिनों तक नहीं पढ़ते हैं जिससे ये फट जाती हैं।

आपको भूलकर भी फटी-पुरानी किताबें घर के मंदिर में नहीं रखनी चाहिए। ये नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करती हैं और आपको पूजा का पूर्ण फल भी नहीं मिलता है।

मंदिर में टूटी हुई मूर्तियां रखना

घर के मंदिर में खंडित मूर्तियां नहीं रखनी चाहिए। ऐसी मूर्तियों की पूजा का पूर्ण फल नहीं मिलता है। जैसे ही कोई मूर्ति जाने अनजाने खंडित हो जाए या उसका कोई हिस्सा टूट जाए तो उसे तुरंत मंदिर से हटा दें। ऐसी मूर्ति को आप श्रद्धा पूर्वक विसर्जित करें। उसके स्थान पर आप नई मूर्ति की स्थापना घर के मंदिर में करें और उसकी पूजा करें।

अगर आप भी घर में मंदिर में यहां बताई कोई भी गलती करते हैं, तो इस आदत को तुरंत बदल दें। ऐसा करने से आपकी पूजा स्वीकार्य होगी और घर में किसी तरह का वास्तु दोष नहीं होगा।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।