विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

हरतालिका तीज के दिन गलत दिशा में पूजा करने से नहीं मिलेगा अखंड सौभाग्य और मनचाहा वर, पढ़ें सही नियम

Published: Mon, 07 Sep 2026 11:00 AM (IST)

हरतालिका तीज व्रत में पूजा की सही दिशा का विशेष महत्व है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, उत्तर-पूर्व दिशा में पूजा ...और पढ़ें

किस दिशा में बैठकर करें पूजा (AI-Generated Image)

किस दिशा में बैठकर करें पूजा (AI-Generated Image)

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हरतालिका तीज (Hartalika Teej 2026) का व्रत सुहागिन महिलाओं और कुंवारी कन्याओं के लिए अधिक महत्वपूर्ण है। इस व्रत को करने से वैवाहिक जीवन में खुशियों का आगमन होता है और पति को लंबी आयु का आशीर्वाद प्राप्त होता है। साथ ही कुंवारी कन्याओं के विवाह में आ रही बाधाएं दूर होती हैं और मनचाहा वर मिलता है। इस व्रत को हर साल भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि पर किया जाता है।

इस बार यह व्रत 14 सितंबर को किया जाएगा। इस अवसर पर भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा-अर्चना करने का विधान है। ऐसा माना जाता है कि पूजा का पूर्ण फल तभी प्राप्त होता है जब पूजा के लिए शुभ दिशा का चयन किया जाए। वास्तु शास्त्र के अनुसार, शुभ दिशा में बैठकर पूजा करने से शुभ परिणाम प्राप्त होते हैं और घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। आइए इस आर्टिकल में आपको बताते हैं कि हरतालिका तीज पर किस दिशा में बैठकर पूजा करनी चाहिए।

पूजा के लिए कौन सी दिशा है शुभ?

वास्तु शास्त्र के अनुसार, हरतालिका तीज की पूजा के दौरान महिलाओं का मुख उत्तर-पूर्व दिशा की ओर होना चाहिए, क्योंकि इस दिशा से घर में सकारात्मक और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होता है। इस दिशा में पूजा करने से सुहागिन महिलाओं और कुंवारी कन्याओं को पूजा का पूर्ण फल प्राप्त होता है और जीवन में सुख-शांति बनी रहती है।

इस दिशा का रखें ध्यान

पूजा के दौरान दक्षिण दिशा की तरफ मुख नहीं होना चाहिए। वास्तु शास्त्र के अनुसार, इस दिशा में पितरों का वास माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि हरतालिका तीज के दिन इस दिशा में मुख करके पूजा करने से मानसिक अशांति और आर्थिक हानि की समस्या का सामना करना पड़ सकता है।

घर की शांति भंग हो सकती है और नकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है, जिसका प्रभाव परिवार के सदस्यों पर पड़ सकता है। इसलिए कहा जाता है कि पूजा करने से पहले पूजा से जुड़े नियमों के बारे में जरूर जान लें।

कब है हरतालिका तीज 2026

भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि की शुरुआत- 13 सितंबर को सुबह 07 बजकर 08 मिनट पर
भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि का समापन- 14 सितंबर को सुबह 07 बजकर 06 मिनट पर
उदया तिथि के अनुसार, हरतालिका तीज व्रत 14 सितंबर को किया जाएगा।

यह भी पढ़ें- भाद्रपद मास 2026: पूजा में न करें ये 4 बड़ी गलतियां, जान लें भादो के जरूरी नियम

यह भी पढ़ें- हरतालिका तीज 2026: किन 4 महिलाओं को नहीं रखना चाहिए यह निर्जला व्रत? जानें क्या कहते हैं शास्त्र

यह भी पढ़ें- गणेश चतुर्थी से पितृ पक्ष तक: सितंबर 2026 के सभी बड़े व्रत और त्योहार, देखें कैलेंडर

अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें।