वाराणसी। पितरों को अर्पित पखवारा पितृ पक्ष का मंगलवार को समापन हो रहा है। इस बार अमावस्या दो दिन पड़ रही है और पहले दिन 23 सितंबर को श्राद्ध की अमावस्या यानी पितृ विसर्जन मनाया जाएगा। इसके साथ ही पितर अपने अपने धाम को प्रस्थान कर जाएंगे।

इसे सर्वपैत्री अमावस्या भी कहते हैं, जिन लोगों की तिथियां ज्ञात न हों, इसी दिन उनके नाम श्राद्ध किया जाता है। अगले दिन 24 को स्नान दान की अमावस्या मनाई जाएगी। इस दिन नाना नानी का श्राद्ध किया जाता है।

ज्योतिर्विद आचार्य ऋषि द्विवेदी ने बताया कि अमावस्या 23 को सुबह 9.23 बजे लग रही है और समापन 24 को सुबह 11.06 बजे होगा। ऐसे में उदयातिथि से स्नानदान की अमावस्या 24 को और श्राद्ध की अमावस्या 23 को मनाई जाएगी। हालांकि आश्रि्वन शुक्ल प्रतिपदा 24 को दोपहर से शुरू हो जा रही है लेकिन शारदीय नवरात्र 25 सितंबर से शुरू होगा।