भारत में 28 सितंबर को कुछ प्रमुख शहरों में भाद्रपद पूर्णिमा के दिन चंद्र ग्रहण लग रहा है। यह ग्रहण मीन राशि तथा उतरा भाद्रपद नक्षत्र में लगेगा। जिस कारण मीन राशि वालों के लिए यह ग्रहण कष्टकारक हो सकता है। ग्रहण का प्रारंभ शाम 6:37 बजे से 9:57 बजे तक ग्रहण लगेगा, लेकिन हिमाचल में चंद्र अस्त 6 बजकर 37 मिनट से पूर्व हो जाएगा। इसलिए यह ग्रहण हिमाचल प्रदेश में नहीं दिखाई देगा। बावजूद इसके भी ग्रहण कई अच्छे-बुरे फल देने वाला रहेगा।

ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक ग्रहण का प्रभाव जातकों पर 108 दिन तक रहेगा। यह चंद्रग्रहण पूर्ण चंद्रग्रहण न होकर अल्पग्रास चंद्र ग्रहण है। पंडित प्रमोद शर्मा ने बताया कि चंद्र ग्रहण के समय स्नान दान करने शुभ फल की प्राप्ति होती है। चंद्र ग्रहण में यह फल लाख गुना प्राप्त होता है। उन्होंने बताया कि ग्रहण के समय स्नान व प्रभु का ध्यान करना शुभ है। वहीं चंद्र ग्रहण के बाद दान करना अतिशुभ है। चंद्र ग्रहण के बुरे प्रभाव को कम करने के लिए राशिनुसार दान करें।

भादो सुधी पूर्णिमा सोमवार 28 सितंबर को चंद्र ग्रहण पड़ेगा। इस ग्रहण का असर मीन राशि के जातकों पर विशेष रूप से रहेगा। इस ग्रहण के उतरा भाद्रपद नक्षत्र एवं मीन राशि में घटित होने से इस नक्षत्र के राशि वालों पर ग्रहण के हानिकारक प्रभाव पड़ेंगे।

साथ ही मेष, मिथुन, कन्या, कर्क, तुला, वृश्चिक और कुंभ राशि के जातक भी ग्रहण के प्रभाव में रहेंगे। इन जातकों को इस दिन दान-पुण्य के साथ अपने ईष्ट की पूजा-अर्चना करना चाहिए। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस दिन दान-पुण्य करने का विशेष महत्व है। यह चंद्र ग्रहण भारत के पश्चिमी गुजरात, राजस्थान आदि क्षेत्र में दिखाई देखा। इस ग्रहण का स्पर्श शाम 6:37 बजे व ग्रहण का मोक्ष रात 9:57 बजे होगा।

इस तरह नजर आएगा

जब चंद्रमा अपनी कक्षा में पृथ्वी के नजदीकी छोर पर होगा। चंद्रमा जैसे ही पृथ्वी के ठीक पीछे होगा और इसकी छाया आएगी तो उसका रंग गहरा लाल हो जाता है।

ग्रहण में ये करें

- मेष, मिथुन, कन्या, कर्क, तुला, वृश्चिक, कुंभ राशि के जातकों को इस दिन चंद्र ग्रहण समाप्ति के बाद गंगाजल से स्नान करना चाहिए। साथ ही जरूररतमंदों को दान-पुण्य करना चाहिए। इससे ग्रहण का हानिकारक प्रभाव कम हो जाता है।

- पशुओं को भोजन व गाय को हरा चारा खिलाने से भी ग्रहण दोष की शांति होती है।

यह ग्रहण ग्रस्तास्त (ग्रहणशील चंद्रमा अस्त) होने के कारण धार्मिक मान्यताओं का पालन करना आवश्यक नहीं है। जहां से यह दिखाई देगा, वहीं इसकी मान्यता है। - पंडित सुनील जोशी जुन्न्रकर, ज्योतिषाचार्य ग्वालियर

चंद्र ग्रहण का असर जिन राशि के जातकों पर पड़ेगा, उन्हें ग्रहण पूर्ण होने पर गंगाजल से स्नान कर अपने ईष्ट की पूजा व दान करना चाहिए। - पंडित सुनील तिवारी, ज्योतिषचार्य उज्जैन।

ग्रहण सोमवार के दिन पड़ने के कारण शास्त्रानुसार इस चूड़ामणि चंद्र ग्रहण भी कहा जाता है। जिन क्षेत्रों में यह ग्रहण दिखाई पड़ेगा, वहां के लोगों को दान-पुण्य करना चाहिए। पंडित सतीश सोनी, ज्योतिषचार्य ग्वालियर

Posted By: Preeti jha

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