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सुबह उठते ही अपनी हथेलियों के दर्शन करना क्यों माना जाता है शुभ? विष्णु पुराण के एक श्लोक में छिपा है रहस्य

Published: Wed, 09 Sep 2026 03:00 PM (IST)

सुबह उठते ही अपनी हथेलियों के दर्शन करना हिंदू धर्म में अत्यंत शुभ माना जाता है। यह परंपरा विष्णु पुराण ...और पढ़ें

सुबह उठते ही हथेली दर्शन का महत्व और रहस्य (Picture Credit: AI Generated)

सुबह उठते ही हथेली दर्शन का महत्व और रहस्य (Picture Credit: AI Generated)

HighLights

  1. सुबह हथेली दर्शन से दिनभर मिलती है सकारात्मक ऊर्जा।

  2. विष्णु पुराण के अनुसार हथेली में त्रिदेवों का वास होता है।

  3. यह शुभ कर्म समस्त पापों से मुक्ति दिलाता है।

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में कई ऐसे नियम बनाए गए हैं जिनका पालन आपके जीवन में शुभता लाता है। वहीं कुछ कर्मों को करने से जीवन में शुभता बनी रहती है। आपने अक्सर घर के बड़ों को ऐसा कहते हुए सुना होगा कि सुबह उठते ही आपको अपने हथेलियों के दर्शन करने चाहिए।

कई धार्मिक ग्रंथों में भी इस बात का वर्णन मिलता है कि आपको उठते ही सबसे पहले कौन से शुभ काम करने चाहिए और उसमें सबसे पहले इसी के बारे में लिखा मिलता है। ऐसा कहा जाता है कि उठते ही हथेली के दर्शन करने से आपका पूरा दिन शुभ होता है, आपको समस्त पापों से मुक्ति मिलती है और पूरा दिन बहुत अच्छा निकलता है।

हथेली पर कई ऐसे चक्र मौजूद होते हैं जो आपके पूरे शरीर को सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करते हैं और किसी भी बुरी ऊर्जा से बचाते हैं। यही नहीं विष्णु पुराण के भी एक श्लोक में इसका वार्ना मिलता है। आइए आपको बताते हैं हथेली के दर्शन करने का महत्व क्या है?

सुबह उठते ही हथेली के दर्शन शुभ क्यों होते हैं?

ऐसा माना जाता है कि व्यक्ति की हथेलियों में त्रिदेवों का वास होता है जिसमें ब्रह्मा, विष्णु और महेश हैं। इसके साथ ही हाथ में नवग्रह, कुलदेवता और पितृ देवताओं का भी वास होता है। यदि आप दिन की शुरुआत अपनी हथेली के दर्शन करते हैं तो आपके जीवन में इसके कई लाभ दिखाई देते हैं।

ऐसे व्यक्ति के जीवन की सभी समस्याओं का हल जल्द ही निकलने लगता है। कई बार हम सोते हुए कुछ नेगेटिव एनर्जी से घिरे रहते हैं जिसकी वजह से पूरा दिन खराब हो सकता है। ऐसे में यदि उठने के तुरंत बाद आप अपनी हथेलियों के दर्शन करें तो किसी भी नकारात्मक ऊर्जा से बचा जा सकता है।

यदि आपकी दिनचर्या आदर्श होगी तो आपको सफलता अवश्य मिलती है। इससे आपके जीवन में आने वाला बड़ा से बड़ा दुर्भाग्य भी दूर हो जाता है। इसी वजह से उठते ही हथेली के दर्शन सबसे पहले करें।

विष्णु पुराण में लिखा है यह श्लोक

सुबह उठते ही आपकी हथेली के दर्शन करने को बहुत शुभ माना जाता है और इसके लिए विष्णु पुराण में एक श्लोक मिलता है जिसमें यह लिखा है-

कराग्रे वसते लक्ष्मीः करमध्ये सरस्वती ।
करमूले तु गोविन्दः प्रभाते करदर्शनम ॥

इस श्लोक का अर्थ है- कराग्रे वसते लक्ष्मी- हथेली के ऊपरी भाग में मां लक्ष्मी का वास है। करमध्ये सरस्वती अर्थात् हथेली के मध्य भाग में माता सरस्वती का, करमूले तु गोविंद- हथेली के मूल में प्रभु विष्णु जी स्वयं उपस्थित हैं। प्रभाते करदर्शनम- सुबह के समय हथेली के दर्शन करके मैं आपका स्मरण कर प्रणाम करता हूं।

यह पूरा मंत्र इस बारे में बताता है कि आपकी हथेली में देवियों के साथ भगवान विष्णु का भी निवास होता है। इसी वजह से जब आप हथेली के दर्शन करते हैं तो आपके जीवन में अपने आप ही सौभाग्य आकर्षित होता है। आपको प्रातः उठते ही सबसे पहले हथेली के दर्शन करने के बाद इसी श्लोक का पाठ करना चाहिए। इसके बाद ही कोई दिनचर्या शुरू करें।

सुबह हथेली के दर्शन मात्र से आपको समस्त देवी-देवताओं के दर्शन का फल मिलता है और दिनभर सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।