विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

हिंदू विवाह में दूल्हा दुल्हन की मांग में 3 बार सिंदूर क्यों भरता है, जानें धार्मिक कारण?

Published: Sat, 23 May 2026 07:16 PM (IST)

हिंदू विवाह में सिंदूरदान एक महत्वपूर्ण रस्म है, जिसमें दूल्हा दुल्हन की मांग में तीन बार सिंदूर भरता है। जानिए इसके पीछे का धार्मिक कारण

दूल्हा दुल्हन की मांग 3 बार क्यों भरता है? (AI-Generated Image)

दूल्हा दुल्हन की मांग 3 बार क्यों भरता है? (AI-Generated Image)

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में सिंदूरदान को सबसे जरूरी रस्म माना जाता है। लेकिन दूल्हा दुल्हन की मांग में 3 बार सिंदूर क्यों लगाता है? कभी सोचा है आपने इसके पीछे का धार्मिक कारण? आइए जानते हैं इसके बारे में।

हिंदू धर्म में विवाह को 16 संस्कारों में से एक माना जाता है। खासतौर से महिलाएं अपनी मांग को सिंदूर से सजाती है। विवाह के दौरान दूल्हा सबसे पहले अंगूठी या सिक्के की मदद से दुल्हन के माथे पर सिंदूर लगाता है। ऐसा माना जाता है कि, यह सिंदूर पति की दीर्घायु और विवाहित महिलाओं के सुहागिन होने का प्रतीक है।

सिंदूर लगाने की परंपरा प्राचीन काल से ही चली आ रही है। यहां तक कि रामायण काल में मां सीता भी प्रभु श्रीराम की लंबी उम्र के लिए सिंदूर लगाती थीं। सिंदूर दान हिंदू विवाह का सबसे महत्वपूर्ण अनुष्ठानों में से एक माना जाता है। इस दौरान दूल्हा दुल्हन के माथे पर तीन बार सिंदूर लगाता है। लेकिन ऐसा क्यों है और इसके पीछे धार्मिक कारण क्या हैं? आइए जानते हैं?

सिंदूर लगाने के पीछे धार्मिक कारण

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शादी के दौरान दुल्हन के माथे पर तीन बार सिंदूर लगाने का कारण यह है कि, पहली बार रंग भरते समय इसे मां लक्ष्मी से जोड़ा जाता है। इससे वैवाहिक जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है।

दूसरी बार सिंदूर लगाना देवी सरस्वती से जुड़ा माना जाता है। इससे जीवन में ज्ञान और बुद्धि परिपूर्ण होने के साथ वाणी मधुर होती है। तीसरी बार सिंदूर लगाना देवी पार्वती से जुड़ा माना जाता है।

यह विवाहित जोड़े को नकारात्मक शक्तियों से बचाने का काम करता है और उन्हें शक्ति भी प्रदान करता है ताकि उन्हें अपने जीवन में किसी भी तरह की कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।

दुल्हन को पूरे साल वही सिंदूर लगाना चाहिए जो शादी के दिन लगाया था।

शादी के दौरान जब दूल्हा दुल्हन की मांग में सिंदूर भरता है, तो यह जरूरी है कि, वह उसकी नाक पर भी गिरे, क्योंकि इसे शुभ माना जाता है। शादी के दौरान दुल्हन के माथे पर लगाया गया वही सिंदूर साल भर इस्तेमाल किया जाना चाहिए।

इससे दूल्हा और दुल्हन के बीच प्यार गहरा होने के साथ मजबूत होता है।

यह भी पढ़ें- ससुराल में मान-सम्मान या बात-बात पर तनाव? कुंडली का आठवां भाव खोलता है सारे राज

यह भी पढ़ें- मनुस्मृति से गीता तक जानिए Extra Marital Affair पर क्या कहते हैं हमारे पौराणिक ग्रंथ?

अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।