नई दिल्ली। मानसरोवर यात्र के परंपरागत रास्तों में एक उत्तराखंड के लिपुलेक से होकर भी है। यहां से भी जत्थे रवाना हो चुके हैं।

नेपाल से सड़क मार्ग : काठमांडू तक पहुंचकर वहां से सड़क के रास्ते मानसरोवर तक पहुंचा जा सकता है।

हवाई रास्ता : मानसरोवर जाने के लिए हेलिकॉप्टर की सुविधा भी ली जा सकती है। काठमांडू से नेपालगंज और नेपालगंज से सिमिकोट तक पहुंचकर, वहां से हिलसा तक हेलिकॉप्टर से पहुंचा जा सकता है।

काठमांडू से तिब्बत के ल्हासा के लिए चाइना एयर हवाई सेवा उपलब्ध कराता है। यहां से तिब्बत के विभिन्न कस्बों शिंगाटे, ग्यांतसे, लहात्से, प्रयाग पहुंचकर मानसरोवर जा सकते हैं।

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने मंगलवार को सिक्किम के नाथुला र्दे से कैलास मानसरोवर जाने वाले तीर्थयात्रियों के पहले जत्थे को दिल्ली से रवाना किया। नाथुला से 250 लोगों का जत्था मानसरोवर के लिए भेजा जाएगा। इस मौके पर सुषमा ने चीन को धन्यवाद देते हुए कहा कि तीर्थ यात्रएं दोनों देशों के बीच संपर्क का बेहतर माध्यम हैं। नए रास्ते खुल जाने से हर उम्र के लोग अपनी इच्छा पूरी कर सकेंगे। तीर्थयात्रियों के बीच आईं सुषमा ने ओम नम: शिवाय कहकर अपनी बात शुरू की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीन के राष्ट्रपति से बात करके इसे सफल बना दिया। भारत-चीन के रिश्तों में यह अहम पड़ाव है।

उल्लेखनीय है कि पिछले साल चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग की भारत यात्रा के दौरान सिक्किम से कैलास मानसरोवर की यात्रा के लिए नाथुला दर्रे का रास्ता खोलने का भी समझौता हुआ था। नए मार्ग से कैलास मानसरोवर यात्रा 18 जून को शुरू होगी। इस रास्ते से वाहनों से भी सफर किया जा सकता है।

बोलीं, वचन पूरा हुआ : सुषमा ने कहा कि दो बातों की प्रसन्नता हो रही है। मेरा दिया वचन पूरा हुआ और लोगों के मन की इच्छा पूरी हुई। सुषमा ने कहा कि नया रास्ता खुलने की खुशी मैं बुजुर्गो के चेहरे पर देख सकती हूं। आराम से मोटर से उतरकर आप भगवान शंकर के दर्शन कर सकते हैं। आप सौभाग्यशाली हैं कि आपके नाम लॉटरी में आए। विदेश मंत्रालय आपकी सुखद यात्रा का पूरा ख्याल करेगा। पहले सिर्फ 22-25 साल के युवा ही यह यात्रा कर पाते थे लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।

सिक्किम के नाथुला र्दे से जाएंगे कैलास

सुषमा स्वराज ने चीन को दिया धन्यवाद, नई दिल्ली में मंगलवार को विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने सिक्किम स्थित नए मार्ग नाथुला र्दे से होकर कैलाश मानसरोवर की यात्रा करने वाले तीर्थयात्रियों के पहले जत्थे को रवाना किया। वर्ष 1981 से शुरू हुई यह यात्रा अपने धार्मिक महत्व के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध है

Posted By: Preeti jha

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