त्रेता युग में अयोध्या के राजा जब श्री राम थे, तब मथुरा के राजा कौन थे ? पुराणों में बताई गई है दिलचस्प बात
त्रेता युग में भगवान श्रीराम के अयोध्या के राजा होने पर, उनके छोटे भाई शत्रुघ्न मथुरा के शासक थे। शत्रुघ्न ...और पढ़ें

शत्रुघ्न की वीरता की कहानी । (Picture Credit- AI Generated)

समय कम है?
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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। वाल्मीकि रामायण के अनुसार त्रेता युग में जब भगवान श्रीराम अयोध्या के राजा थे, उस समय श्री कृष्ण की नगरी मथुरा पर श्रीराम के सबसे छोटे भाई शत्रुघ्न का शासन था। वाल्मीकि रामायण में शत्रुघ्न को श्रीराम के अत्यंत प्रिय और पराक्रमी भाइयों में बताया गया है।
कथा के अनुसार शत्रुघ्न ने श्री राम जी की आज्ञा का पालन करते हुए मथुरा क्षेत्र में भय पैदा कर रहे राक्षसों के अत्याचार से प्रजा को मुक्त कराया था। उसके बाद उन्हीं को वहां का राजा बना दिया गया था। आगे की कथा और भी दिलचस्प है, चलिए आपको बताते हैं।
मथुरा का पुराना नाम क्या था?
प्राचीन कथाओं में मथुरा को मधुपुरी के नाम से भी जाना जाता है। यह क्षेत्र शूरसेन जनपद से भी जुड़ा हुआ बताया जाता है। उस समय इस इलाके पर लवणासुर नामक एक शक्तिशाली राक्षस का प्रभाव था। लवणासुर के अत्याचारों से वहां रहने वाली प्रजा परेशान रहती थी। उसके डर से आम लोगों का जीवन कठिन हो गया था। ऐसे समय में श्रीराम ने इस समस्या का समाधान करने और लवणासुर का वध करने की जिम्मेदारी अपने भाई शत्रुघ्न को सौंपी।
शत्रुघ्न ने किया लवणासुर का वध
रामायण की कथाओं के अनुसार श्रीराम के आदेश पर शत्रुघ्न लवणासुर से युद्ध करने के लिए मथुरा गए थे। लवणासुर बहुत शक्तिशाली राक्षस था।बड़े-बड़े राजा-महाराजा भी उसे हरा नहीं पाए थे। ऐसे में शत्रुघ्न के लिए भी लवणासुर पर विजय प्राप्त करना एक चुनौती था।
लवणासुर के पास भगवान शिव से वरदान में मिला एक दिव्य अस्त्र था, जिसका प्रयोग कर वह किसी को भी हरा सकता था। लवणासुर की इस शक्ति से सभी लोग डरते थे। लेकिन शत्रुघ्न ने अपनी वीरता और युद्ध कौशल से लवणासुर का सामना किया और अंत में उसका वध कर दिया। इसके बाद मथुरा की प्रजा ने शत्रुघ्न को ही अपना राजा मान लिया।
मथुरा में बसाया अपना राज्य
लवणासुर के वध के बाद शत्रुघ्न ने वहां एक खुशहाल राज्य स्थापित किया। रामायण की कथाओं के अनुसार उन्होंने मधुपुरी के विकास के लिए बहुत सारा काम किया और उसे एक समृद्ध नगरी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
अतः श्रीराम की अनुमति और आशीर्वाद से शत्रुघ्न को मथुरा का राजा बनाया गया। इस तरह अयोध्या में श्रीराम और मथुरा में शत्रुघ्न का शासन बताया जाता है।
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