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आपको क्या लगता है कि शादी करने की सही उम्र क्या है? कुछ लोग कहते हैं कि एक लड़के की शादी की सही उम्र 27 वर्ष से 32 वर्ष तक होनी चाहिए। और लड़की जब 23 या 25 वर्ष की उम्र पार कर ले तो उसकी शादी के बारे में विचार बना लेना चाहिए।

लेकिन ऐसी सोच तो हमारी मेट्रो सिटी में रहने वाले लोगों की है। छोटे कस्बों एवं गांव में रहने वाले तो लड़के या लड़की के जवानी में पांव रखते ही शादी का विचार बनाना आरंभ कर देते हैं। लड़की भले ही बालिगा भी ना हुई हो, इससे उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता। वे तो बस उसकी शादी कर अपना कर्तव्य पूरा करना चाहते हैं।

क्या कहता है कानून?

पर यह तो शादी के हिसाब से काफी कम उम्र हुई ना? हमारा भारतीय कानून लड़के को 21 वर्ष या उससे अधिक तथा लड़की को 18 वर्ष या उससे ऊपर की उम्र में शादी करने की अनुमति देता है।

मॉडर्न सोसाइटी

परन्तु आज की मॉडर्न सोसाइटी उसे भी शादी के लिए काफी कम उम्र मानती है। उनके अनुसार शादी की सही उम्र 27 वर्ष की उम्र (लड़के के लिए) और 25 वर्ष (लड़की के लिए) की होनी चाहिए। इससे पहले की कोई भी उम्र जल्दी ही है।

जल्दी शादी की उम्र क्या है?

पर जल्दी शादी की उम्र आखिरकार होती क्या है? एक रिसर्च के मुताबिक 25 वर्ष की आयु के आसपास की उम्र में शादी करना सबसे सही माना गया है। हालांकि लोगों को यह उम्र भी काफी कम लगती है, लेकिन शोध में ऐसे कई तथ्य निकल कर आए हैं जो यह कहते हैं कि ‘जल्दी शादी करना ही सही फैसला है’।

जांचा-परखा शोध

शोध का कहना है कि हालांकि हम शादी को लेकर वर एवं वधु की उम्र कितनी होनी चाहिए इस पर बहस करते रहते हैं, लेकिन फिर भी हम किसी निष्कर्ष पर पहुंच नहीं पाते। कारण शादी का फैसला है ही ऐसा कि हम कभी भी पूर्ण रूप से तैयार नहीं होते।

शादी के लिए नहीं होते राज़ी

एक 40 वर्ष का वर भी शादी के नाम से उतना ही उलझा हुआ दिखाई देता है जितना कि एक 25 वर्ष का वर होता है। वर या वधु को मानसिक रूप से स्वयं ही खुद को तैयार करना पड़ता है तभी वे कोई फैसला ले पाते हैं अन्यथा भटकते ही रहते हैं। इसलिए यदि जल्दी शादी हो भी जाए तो इसमें कोई नुकसान नहीं, बल्कि अनेक तरह के फायदे हैं। लेकिन कैसे फायदे जानें.

परफेक्ट कपल की उम्र

यदि वर 25 से 27 वर्ष का हो और वधु 22 से 25 वर्ष की उम्र के बीच की हो तो उस जोड़े को परफेक्ट माना जाता है। यह एक ‘यंग’ जोड़ा कहलाता है और इन्हें कई प्रकार के फायदे मिलते हैं। सबसे पहला फायदा है दोनों में ही जवानी के भरपूर जोश का मौजूद होना।:

दोनों में जोश

दोनों के विचार काफी हद तक मिलते दिखाई देते हैं, जैसे कि घूमने-फिरने का शौक रखना, नई चीज़ें ट्राय करना और साथ ही रोमांस के नए-नए तरीके खोजना। यह सब एक यंग कपल की निशानी होती है। लेकिन दूसरी तरफ देरी से शादी करने वालों को जल्द से जल्द पैसा कमाने की होड़ होती है।

ये होते हैं बोरिंग कपल

30 की उम्र पार कर चुके वर को यह चिंता होती है कि अब उसे अपने आने वाले परिवार के लिए पुख्ता आर्थिक इंतजाम करने हैं, इसलिए वह नई शादी का आनंद लेने की बजाय काम में व्यस्त रहता है।

यंग कपल्स हैं कूल

पर यह आनंद यंग कपल्स दिल खोलकर उठाते हैं। शादी के बाद का पहला ‘हनीमून’ तो उनके लिए यादगार होता ही है, लेकिन उसके बाद कुछ मिनी हनीमून प्लान करते रहना भी उनके वैवाहिक जीवन का हिस्सा बन जाता है।

घूमने का शौक

जब पति-पत्नी दोनों में घूमने का शौक हो और दोनों ही अपनी यंग उम्र के इस पड़ाव पर दुनिया भर का आनंद पाना चाहते हों, तो ऐसे प्लान बनना तो व्यवहारिक ही है।

ज्यादा सेक्स?

शोध के अनुसार कम उम्र के पति-पत्नी में संभोग संबंधी जोश भी ज्यादा पाया जाता है। वे अपने वैवाहिक जीवन का हर प्रकार से सुख हासिल करते हैं। शोधकर्ताओं ने बताया कि जल्दी शादी होने से उन्हें एक-दूसरे के करीब आने का समय ज्यादा मिलता है।

कम खर्चीले?

एक शोध के अनुसार जल्दी शादी करने वाले कपल्स खर्चा बहुत कम करते हैं। शोध के तथ्यों के अनुसार जल्द से जल्द शादी करने वाले वर की आर्थिक स्थिति उतनी मजबूत नहीं होती, क्योंकि अभी तो उसका कॅरियर शुरू ही हुआ है तो ऐसे में पैसों की कमी होना आम बात है।

साथ में समझदार बनना

इस स्थिति में दोनों समझदारी से एक-दूसरे का साथ देते हुए अपने मासिक खर्च पूरे करते हैं। यही एक कारण है कि यंग कपल्स एक साथ अपने नादान व्यवहार से समझदारी की ओर कदम रखते हैं। वे एक साथ चीज़ों को समझते हैं और एक सुखी वैवाहिक जीवन की ओर कदम बढ़ाते हैं।

एक और बड़ा फायदा

वैसे जल्दी शादी करने की एक बड़ा फायदा भी है। यदि शादी देरी से हो तो घर-परिवार वाले ‘बच्चे’ की अपेक्षा कुछ ही महीनों के बाद लगाना शुरू कर देते है, लेकिन जल्दी शादी करने पर ऐसा नहीं होता।

कोई प्रेशर नहीं डालता

ऐसे में परिवार वाले भी समझते हैं कि अभी पति-पत्नी मानसिक एवं आर्थिक दोनों स्थिति से एक बच्चे की जिम्मेदारी उठाने के लिए तैयार नहीं हैं।

देर से शादी करने पर...

पर देर से शादी करने पर आर्थिक स्थिति कुछ मजबूत होती है और साथ ही स्वास्थ्य का डर उन्हें जल्दी बेबी प्लान करने के लिए मजबूर करता है। क्योंकि चिकित्सकों के अनुसार 30 वर्ष से अधिक आयु होने पर महिलाओं को गर्भवती होने में दिक्कतें आने लगती हैं।

बेबी प्लान

पर किन्हीं कारणों से यदि जल्दी शादी करने वाले जोड़े को बच्चे का विचार भी जल्द से जल्द बनाने के लिए कहा जाता है तो इसमें भी कोई बुराई नहीं है। इसके दो तीन कारण हैं।

हृष्ट-पुष्ट संतान

पहला यह कि अच्छी शारीरिक अवस्था में एक स्त्री हृष्ट-पुष्ट बच्चे को जन्म देती है, जबकि ज्यादा उम्र हो जाने पर उसे कई प्रकार की बीमारियां जकड़ लेती हैं जिससे बच्चा कमज़ोर पैदा होता है।

बिना प्रेशर के प्लान

दूसरा फायदा इन यंग कपल्स को बिना किसी टेंशन के बेबी प्लान करने का मौका मिलता है, जिससे कि आने वाले बच्चे का स्वास्थ्य अच्छा ही होता है। तीसरा लाभ तब प्राप्त होता है जब बच्चा थोड़ा बड़ा हो जाता है।

एक और फायदा ऐसा भी

एक पिता और बच्चे के बीच यदि उम्र का ज्यादा अंतर ना हो तो वे दोस्तों की तरह व्यवहार करते हैं जो कि पारिवारिक खुशियों के लिए जरूरी भी है। इसके अलावा एक फायदा ऐसा भी है जो माता-पिता को नहीं बल्कि बच्चों को प्राप्त होता है।

कूल पैरेंट्स कहलाते हैं

कम उम्र में माता-पिता बनने वाले दम्पत्तियों को उस ज़माने के फैशन, अंदाज़ एवं लाइफस्टाइल का पूरा अनुमान होता है। इसलिए वे आने वाली पीढ़ी को और भी करीब से समझ पाते हैं। तभी तो वे कहलाते हैं सबसे ‘कूल पैरेंट्स’।

इस तरह ये शकुन बताते हैं कि जल्द ही आपको सफलता मिलने वाली है

Posted By: Preeti jha

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