दिन के वो 90 मिनट जब शुभ कार्यों पर लग जाती है रोक, जानिए क्या है राहुकाल का रहस्य?
ज्योतिष शास्त्र में राहुकाल को अशुभ अवधि माना गया है, जिसमें शुभ कार्य वर्जित होते हैं। यह 90 मिनट का ...और पढ़ें

राहुकाल में भूलकर भी न करें शुभ काम (AI-Generated Image)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। ज्योतिष शास्त्र में राहुकाल की अवधि को अशुभ माना जाता है। इस दौरान शुभ काम करने की मनाही है। इस काल को नकारात्मक दृष्टि से देखा जाता है।
ज्योतिष शास्त्र में बताया गया है कि हर दिन का निश्चित हिस्से में राहु का प्रभाव रहता है। इस अवधि को राहुकाल के नाम से जाना जाता है। अब आपके मन से सवाल आ रहा होगा कि क्या होता है राहुकाल और इस दौरान कौन से काम नहीं करने चाहिए। ऐसे में आइए आपको बताते हैं इसके बारे में विस्तार से।
क्या है राहुकाल?
वैदिक पंचांग के अनुसार, रोजाना राहुकाल 90 मिनट का होता है। राहुकाल दिन का एक ऐसा समय होता है जब राहु ग्रह का आधिपत्य होता है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि राहुकाल रोजाना एक समान नहीं होता। दिन और सूर्योदय के समय के तहत राहुकाल का समय बदलता रहता है।
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(AI-Generated Image)
राहुकाल में क्यों नहीं करने चाहिए शुभ काम?
धार्मिक मान्यता के अनुसार, राहुकाल के दौरान शुभ और मांगलिक काम को करने से विघ्न आते हैं और वह काम आसानी से पूरा नहीं होता। इसके अलावा राहुकाल के दौरान नए काम की शुरुआत भी नहीं करनी चाहिए।
ज्योतिष शास्त्र में राहु को एक छाया ग्रह और क्रूर ग्रह माना गया है। ऐसा माना जाता है कि राहु अशुभ स्थिति में होने जातक के जीवन में उथल-पुथल मचा सकता है। इसलिए राहुकाल में शुभ और मांगलिक काम करने की मनाही है।
राहुकाल में कौन से काम न करें?
- नए काम की शुरुआत- राहुकाल की अवधि के दौरान भूलकर भी नए काम की शुरुआत नहीं करनी चाहिए। ऐसा माना जाता है कि राहुकाल में नए व्यापार या नौकरी की शुरुआत करने से रुकावटें आ सकती हैं।
- विवाह और सगाई समारोह- इसके अलावा राहुकाल में शादी और सगाई जैसे कामों को नहीं करना चाहिए। इन कामों को करने से जीवन में शुभ परिणाम प्राप्त नहीं होते।
- गृह प्रवेश- राहुकाल की अवधि के समय गृह प्रवेश करने से बचना चाहिए, क्योंकि राहुकाल में गृह प्रवेश करना शुभ नहीं माना गया है।
- वाहन या प्रॉपर्टी की खरीदारी- इसके अलावा राहुकाल के समय में नई गाड़ी और जमीन भूलकर भी नहीं खरीदना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि इस तरह की गलती को करने से परेशानी उत्पन्न होने का भय बना रहता है। इसके अलावा राहुकाल में सोना या नए आभूषण खरीदने से बचना चाहिए।
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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें।
