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बुरी नजर से रक्षा या शिव-शक्ति का प्रतीक, क्यों अधूरा है काले मोतियों के बिना मंगलसूत्र?

Published: Mon, 25 May 2026 06:00 PM (GMT+05:30)

धार्मिक रहस्य: मंगलसूत्र के काले मोती कैसे करते हैं पति-पत्नी की रक्षा?

धार्मिक रहस्य: मंगलसूत्र के काले मोती कैसे करते हैं पति-पत्नी की रक्षा?

धार्मिक रहस्य: मंगलसूत्र के काले मोती कैसे करते हैं पति-पत्नी की रक्षा?

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में विवाह को केवल दो व्यक्तियों का मिलन नहीं, बल्कि दो आत्माओं का पवित्र बंधन माना गया है। इस बंधन का सबसे महत्वपूर्ण प्रतीक है मंगलसूत्र।

कुछ लोग इसे केवल सोने और काले मोतियों से बना एक आभूषण मानते हैं, लेकिन धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से यह एक शक्तिशाली रक्षा कवच है, तो आइए एस्ट्रोलॉजर चंद्रेश शर्मा जी से जानते हैं कि मंगलसूत्र में काले मोती ही क्यों डाले जाते हैं?

शिव और शक्ति का प्रतीक

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मंगलसूत्र का प्रत्येक हिस्सा ब्रह्मांड की दिव्य शक्तियों को दिखाता है। इसमें मौजूद सोने का हिस्सा माता पार्वती यानी शक्ति का प्रतीक माना गया है, जबकि इसमें पिरोए गए काले मोती भगवान शिव का प्रतिनिधित्व करते हैं।

सोना तेज और समृद्धि का कारक है, तो काले मोती वैराग्य, धैर्य और सुरक्षा के प्रतीक हैं। जब ये दोनों एक सूत्र में पिरोए जाते हैं, तो यह शिव-शक्ति के मिलन को दिखाते हैं। यही वजह है कि काले मोतियों के बिना मंगलसूत्र को अधूरा माना जाता है, क्योंकि इसके बिना शिव और शक्ति का संतुलन स्थापित नहीं हो पाता।

spiritual meaning of black beads in mangalsutra

AI Generated Image

पति की लंबी उम्र और सकारात्मक ऊर्जा का संचार

आध्यात्मिक दृष्टि से, जब एक विवाहित महिला मंगलसूत्र पहनती है, तो ये काले मोती महिला के मन को शांत रखती है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं। शास्त्रों में मान्यता है कि पत्नी के गले में मौजूद काले मोती पति के जीवन पर आने वाले संकटों को टालते हैं। यह केवल एक आभूषण नहीं, बल्कि पति की लंबी आयु और तरक्की के लिए की जाने वाली प्रार्थना है।

धार्मिक आधार

मंगलसूत्र में काले मोती सिर्फ सुंदरता बढ़ाने के लिए नहीं, बल्कि दांपत्य जीवन को बुरी शक्तियों से बचाने, शिव-शक्ति का आशीर्वाद पाने और रिश्ते में पवित्रता बनाए रखने का धार्मिक आधार हैं।

वैज्ञानिक वजह

मंगलसूत्र में पिरोए गए काले मोतियों में एक गहरी सोच और वैज्ञानिक दृष्टिकोण भी छिपा हुआ है। विज्ञान के नियमानुसार, काला रंग ऊर्जा को एक बेहतरीन सोखने वाला रंग होता है। यही वजह है कि गर्मी में हल्के रंग के कपड़े खासकर सफेद कपड़े पहने जाते हैं ताकि गर्मी से बचा जा सके। इसी वैज्ञानिक आधार पर, जब एक विवाहित महिला इसे धारण करती है, तो ये काले मोती आसपास की नकारात्मक ऊर्जा और बुरी नजर को पूरी तरह सोख लेते हैं।

इस तरह, यह मात्र एक आभूषण या महिला के विवाहित होने का प्रमाण नहीं है, बल्कि यह पवित्र आभूषण एक सुरक्षा कवच की तरह काम करता है। यह पति-पत्नी के रिश्ते में आने वाली नकारात्मकता को दूर रखता है और आपसी तालमेल को बढ़ाता है, जिससे वैवाहिक जीवन हमेशा सुरक्षित, सुखी और अटूट बना रहता है।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।