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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 30, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Somvati Amavasya 2024 Katha: अमावस्या के दिन करें इस कथा का पाठ, पूर्वज होंगे प्रसन्न

Published: Mon, 30 Dec 2024 09:40 AM (IST)

पौष माह की अमावस्या पर पवित्र नदी में स्नान और दान करने का अधिक महत्व है। साथ ही पितरों का ...और पढ़ें

Somvati Amavasya 2024: इस कथा के पाठ से पूजा होगी सफल
Somvati Amavasya 2024: इस कथा के पाठ से पूजा होगी सफल

HighLights

  1. अमावस्या के दिन पितरों की पूजा होती है।
  2. इस दिन व्रत कथा का पाठ करना चाहिए।
  3. स्नान और दान करने से धन में वृद्धि होती है।

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। पंचांग के अनुसार, आज (Aaj ka panchang) यानी 30 दिसंबर (Somvati Amavasya 2024 Date) को सोमवती अमावस्या मनाई जा रही है। पौष अमावस्या के दिन सोमवार पड़ रहा है, तो इस वजह अमावस्या को सोमवती अमावस्या के रूप में मनाई जा रही है। इस दिन भगवान विष्णु और महादेव की पूजा-अर्चना करने का विधान है। साथ ही व्रत कथा का पाठ करने से पूजा का पूर्ण फल प्राप्त होता है। साथ ही पूर्वज प्रसन्न होते हैं। आइए पढ़ते हैं कथा।

सोमवती अमावस्या की व्रत कथा (Somvati Amavasya 2024 Vrat Katha)

पौराणिक कथा के अनुसार, एक साहूकार के एक बेटी और सात बेटे थे। उसकी बेटी का विवाह नहीं हुआ था, जिससे वह परेशान था। ऐसे में एक साधु ने साहूकार की पत्नी को आशीर्वाद दिया, लेकिन उन्होंने कभी उनकी बेटी को आशीर्वाद नहीं दिया। इसके बारे में जब उन्होंने साधु से पूछा तो, वह बिना कुछ कहें वहां से चले गए, जिसकी वजह वह चिंतित हो गए। साहूकार ने एक पंडित से सलाह ली।

पंडित ने बताया की यदि बेटी का विवाह हुआ, तो जीवन विधवा के रूप में बिताना पड़ेगा। ऐसे में पंडित ने सलाह दी की द्वीप पर एक धोबिन से सिन्दूर ले और उसके बाद विधिपूर्वक सोमवती अमावस्या व्रत करे। ऐसा करने से उसकी किस्मत चमक सकती है।

उसकी बेटी ने ठीक ऐसा ही किया। जब बेटी दीप पर पहुंची, तो उनकी सहायता की, जिससे धोबिन बहुत प्रसन्न हुई। इसके बाद धोबिन को बेटी के अच्छे कामों के बारे में पता चला और उसने हाथों से सिन्दूर देकर उसकी खुशहाली की कामना की। इसके बाद विधिपूर्वक बेटी ने सोमवती अमावस्या का व्रत किया और विवाह करके सुखी जीवन व्यतीत किया।   

सोमवती अमावस्या 2024 शुभ मुहूर्त

पंचांग के अनुसार, पौष माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि की शुरुआत 30 दिसंबर को सुबह 04 बजकर 01 मिनट से हो गई है। वहीं, 31 दिसंबर (Somvati Amavasya 2024 Date) को सुबह 03 बजकर 56 मिनट पर तिथि का समापन होगा। ऐसे में आज यानी 30 दिसंबर (Somvati Amavasya 2024) को सोमवती अमावस्या मनाई जा रही है।

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अस्वीकरण: ''इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है''।