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Shukrawar Ke Upay: शुक्रवार की रात को करें ये काम, कभी नहीं होगी धन की कमी

हिंदू मान्यताओं के अनुसार देवी लक्ष्मी का स्वभाव बहुत ही चंचल होता है। यही कारण है कि लक्ष्मी जी एक जगह नहीं ठहरती हैं। ऐसे में यदि आप भी धन की समस्या झेल रहे हैं तो इसके लिए शुक्रवार की रात को कुछ उपाय कर सकते हैं। इससे आपको जल्द ही अपनी स्थिति में लाभ देखने को मिल सकता है।

By Suman Saini Edited By: Suman Saini Thu, 20 Jun 2024 10:00 PM (IST)
Shukrawar Ke Upay शुक्रवार की रात को करें ये काम।

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। कई बार कड़ी मेहनत के बाद भी व्यक्ति को धन की समस्या बनी रहती है। हिंदू धर्म में मां लक्ष्मी को धन की देवी के रूप में पूजा जाता है। मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्ति के लिए शुक्रवार का दिन सबसे बेहतर माना गया है। ऐसे में आप शुक्रवार की रात को किए गए उपायों द्वारा मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त कर सकते हैं। चलिए जानते हैं वह उपाय।

मिलेगी विष्णु जी की कृपा

यदि आप आर्थिक तंगी से छुटकारा पाना चाहते हैं, तो इसके लिए शुक्रवार की रात को दक्षिणावर्ती शंख में जल भरकर भगवान विष्णु का अभिषेक करें। ऐसा करने से आपको मां लक्ष्मी के साथ-साथ विष्णु जी की कृपा प्राप्त होती है।

बनेंगे धन आगमन के योग

शुक्रवार की रात्रि में मां लक्ष्मी की पूजा के दौरान उनके सामने घी का दीपक जलाएं और उन्हें खीर का भोग लगाना चाहिए। ऐसा कहा जाता है कि इस उपाय को करने से लक्ष्मी माता की विशेष कृपा प्राप्त हो सकती है और धन आगमन के योग बनने लगते हैं। इसके साथ ही आप शुक्रवार रात्रि श्री लक्ष्मी सूक्त का पाठ भी कर सकते हैं।

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करें इस मंत्र का जाप

शुक्रवार की रात को अष्ट लक्ष्मी की पूजा करनी चाहिए। अष्ट लक्ष्मी असल में मां लक्ष्मी के आठ स्वरूप हैं। ऐसे में अगर आप शुक्रवार की रात को अष्ट लक्ष्मी के निमित्त 08 दीपक जलाकर मां लक्ष्मी के सामने रख सकते हैं। वहीं, शुक्रवार की रात को सोने से पहले  ‘ऐं ह्रीं श्रीं अष्टलक्ष्मीयै ह्रीं सिद्धये मम गृहे आगच्छागच्छ नम: स्वाहा’ मंत्र का जाप करें। इससे भी व्यक्ति धन संबंधी समस्याओं से उभरा जा सकता है।

अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।