नई दिल्ली, Shukra Gochar 2022: वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, शुक्र ग्रह को आकर्षण, ऐश्वर्य, सौभाग्य, धन-वैभव और प्रेम का कारक माना जाता है। इसलिए जातक की कुंडली में इस ग्रह की स्थिति मजबूत होना बेहद जरूरी है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, शुक्र ग्रह हर राशि में एक अवधि के बाद जरूर प्रवेश करते हैं। ऐसे ही शुक्र ग्रह 5 दिसंबर को धनु राशि में प्रवेश कर रहे हैं। शुक्र के गोचर से कई राशियों को विशेष लाभ मिलने वाला है। वही, कई राशियां ऐसी भी है जिन्हें थोड़ा सतर्क रहने की जरूरत है। इन राशियों को आर्थिक स्थिति के साथ मानसिक और शारीरिक तनाव का सामना करना पड़ सकता है।

Shukra Gochar 2022: 5 दिसंबर को शुक्र कर रहे धनु राशि में प्रवेश, ये राशियां हो जाएंगी मालामाल

शुक्र कब कर रहे हैं राशि परिवर्तन?

वैदिक ज्योतिष गणना के अनुसार शुक्र ग्रह 5 दिसंबर को शाम 6 बजकर 7 मिनट को धनु राशि में प्रवेश कर रहे हैं। जहां पर वह 29 दिसंबर तक विराजमान रहेंगे। इसके बाद मकर राशि में प्रवेश कर जाएंगे।

शुक्र के गोचर से इन राशियों की बढ़ेगी मुश्किलें

वृषभ राशि

शुक्र ग्रह इस राशि में आठवें भाव में गोचर करने वाले हैं। बता दें कि इस राशि में शुक्र लग्नेश और छठे भाव के स्वामी हैं। आठवें भाव में गोचर करने के कारण इस राशि के जातकों थोड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। इस राशि के जातकों को अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। इसके साथ ही थोड़ा सा धन संबंधी समस्या हो सकती है। ऐसे में आपको गुप्त धन कोई दे सकता है। नौकरी और बिजनेस में लाभ मिलेगा।

कर्क राशि

इस राशि में शुक्र छठे भाव में गोचर कर रहे हैं। इसके साथ ही शुक्र की दृष्टि बारहवें भाव में पड़ रही है। ऐसे में इस राशि के जातकों को थोड़ा संभलकर रहने की जरूरत है। जीवनसाथी की सेहत का थोड़ा ध्यान रखने की जरूरत है। इस राशि के जातक अपने काम से मतलब रखें क्योंकि दूसरों के मामलों में अपनी राय देने से बचने की कोशिश करें। क्योंकि इसके कारण आप किसी बड़ी मुसीबत में फंस सकते हैं। शत्रु भाव में शुक्र के होने से आपके बेवजह खर्च बढ़ेंगे। इसलिए थोड़ा अपने कम खर्च करने की कोशिश करें।

तुला राशि

तुला राशि मे शुक्र तीसरे भाव में गोचर करने वाले हैं। इसके साथ ही शुक्र की दृष्टि नवम भाव में जा रही है। ऐसे में इस राशि के जातक की आर्थिक स्थिति थोड़ी कमजोर हो सकती है। शुक्र इस राशि में लग्नेश और अष्टमेश भाव में होते हैं। शुक्र अष्टम के भी स्वामी है इसलिए किसी भी तरह से कोशिश करें कि परिवार के बीच किसी भी तरह का मन मुटाव न हो। क्योंकि यह तनाव ज्यादा लंबे समय तक चल सकता है।

डिसक्लेमर

इस लेख में निहित किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है, इसके उपयोगकर्ता इसे महज सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त, इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी।

Edited By: Shivani Singh

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