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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 03, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Shardiya Navratri 2024 day 2: नवरात्र के दूसरे दिन करना है माता रानी को प्रसन्न, तो जानें क्या करें, क्या नहीं

Published: Thu, 03 Oct 2024 06:53 PM (IST)

हिंदू धर्म में नवरात्र (Shardiya Navratri 2024) की अवधि को बहुत ही शुभ और महत्वपूर्ण माना जाता है। नवरात्र का ...और पढ़ें

Shardiya Navratri 2024 day 2 जानें क्या करें, क्या नहीं
Shardiya Navratri 2024 day 2 जानें क्या करें, क्या नहीं

HighLights

  1. 03 अक्टूबर से हो चुकी है नवरात्र की शुरुआत।
  2. माता रानी के निमित्त किया जाता है व्रत।
  3. नवरात्र के दूसरे दिन होती है मां ब्रह्मचारिणी की पूजा।

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। इस साल शारदीय नवरात्र की शुरुआत गुरुवार, 03 अक्टूबर से हो चुकी है। इस पावन अवधि में माता रानी के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना का विधान है। साधक इस अवधि में माता दुर्गा की कृपा के लिए व्रत आदि भी करते हैं। इससे साधक के जीवन में सुख-शांति बनी रहती है। 04 अक्टूबर को नवरात्र के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाएगी। ऐसे में इस दिन इन बातों का ध्यान जरूर रखें।

करें ये काम

माता ब्रह्मचारिणी की कृपा प्राप्ति के लिए नवरात्र के दूसरे दिन सूर्योदय से पहले उठें और स्नान आदि करने के बाद माता ब्रह्मचारिणी की विधि-विधान से पूजा करें। इसी के साथ इस दिन गरीबों व जरूरतमंदों को सफेद चीजों जैसे - दूध, दही, चावल, चीनी या फिर सफेद वस्त्रों का दान जरूर करना चाहिए। इससे आपके ऊपर माता रानी की विशेष कृपा बनी रहेगी।

रखें इन बातों का ध्यान

नवरात्र की पूरी अवधि में देवी मां की पूजा शांति, श्रद्धा और प्रेम के साथ करें। पूरे परिवार के साथ मिलकर माता रानी की पूजा-अर्चना करना और भी शुभ माना जाता है। यदि आपने व्रत नहीं भी किया है, तब भी साथ ही इस दौरान सात्विक भोजन ही ग्रहण करना चाहिए और  मांस-मदिरा, लहसुन-प्याज आदि से सेवन से बचना चाहिए।

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भूलकर भी न करें ये काम

नवरात्र के दूसरे दिन मन में बुरे विचार नहीं लाना चाहिए। इस दौरान न ही किसी से अपशब्द बोले और न ही किसी का अपमान करें। इसी के साथ कोशिश करें कि घर में कलह की स्थित उत्पन्न न हो। साथ ही देवी पुराण में इस बात का उल्लेख किया गया है कि जिस घर में नारी का सम्मान नहीं किया जाता, वहां देवी मां का भी आगमन नहीं होता। इन सभी नियमों का पालन नवरात्र की पूरी अवधि में किया जाना चाहिए।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।