नई दिल्ली, Navratri 2022 Ashtami 2022 Upay: हिंदू धर्म में नवरात्र की अष्टमी और नवमी तिथि सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण मानी जाती है। अष्टमी तिथि के दिन मां महागौरी की पूजा करने का विधान है। वहीं नवमी तिथि के दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है। माना जाता है कि अष्टमी या नवमी तिथि के दिन कन्या पूजन करने से जीवन में आने वाली हर समस्या समाप्त हो जाती है। वहीं ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, नवरात्र के दिनों में कुछ खास उपाय करके व्यक्ति हर कष्ट, दुख-दर्द से छुटकारा पा सकता है। इसके साथ ही आर्थिक स्थिति को मजबूत कर सकता है। जानिए नवरात्र की अष्टमी और नवमी तिथि को कौन से उपाय करने से दुर्भाग्य दूर भाग जाएगा।

महाष्टमी पर करें ये खास उपाय

आर्थिक स्थिति को सही करने के लिए

मां महागौरी को दूध से भरी कटोरी में एक चांदी का सिक्का डालकर चढाएं। इसके बाद सिक्के को धोकर तिजोरी या फिर अपनी पर्स में रख लें। ऐसा करने से पैसों की तंगी से छुटकारा मिलेगा।

मनचाही मुराद के लिए

मनचाही मुराद को पूरा करना चाहते हैं, तो नवरात्र की अष्टमी या फिर नवमी तिथि को पानी वाला नारियल लेकर अपने ऊपर से 11 बार उतार लें और जल में प्रवाहित कर लें।

हर कष्ट दूर करने के लिए

जीवन में आने वाली हर परेशानी से छुटकारा पाने के साथ हर कष्ट को दूर करने के लिए पीपल के ग्यारह पत्ते लेकर माला बना लें और नवरात्र में भगवान हनुमान जी को चढ़ा दें। इससे लाभ मिलेगा।

विवाह में आ रही बाधाओं के लिए

अगर लगातार किसी न किसी कारण विवाह होने में बाधाएं उत्पन्न हो रही है, तो 'ऊँ शं शंकराय सकल-जन्मार्जित-पाप-विध्वंसनाय, पुरुषार्थ-चतुष्टय-लाभाय च पतिं मे देहि कुरु कुरु स्वाहा।।' मंत्र का 11 बार जाप करें। इसके साथ ही शिव जी और माता पार्वती से विवाह में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए प्रार्थना करें।

धन लाभ के लिए

माता दुर्गा के सभी स्वरूपों के साथ माता लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए श्री यंत्र की पूजा विधिवत करने के पूजा स्थल में रखना लाभकारी सिद्ध होगा। सबसे पहले एक साफ -सुथरी जगह में उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठ जाएं। इसके बाद अपने सामने नौ दीपक जलाएं और दीपकों के सामने लाल चावल की एक ढेरी बनाकर उस पर एक श्रीयंत्र रख लें। इस श्रीयंत्र का कुमकुम, फूल, धूप और दीपक से पूजन करें। जब पूरी पूजा कर लें, तो एक प्लेट पर स्वस्तिक बनाकर उसका पूजन करें और फिर इसमें श्रीयंत्र रखकर पूजा स्थल में रख लें। इसके बाद रोजाना पूजा करें। वहीं बची हुई पूजा सामग्री बहते जल में प्रवाहित कर दें। ऐसा करने से अचानक धन लाभ मिलेगा।

Pic Credit- Freepik

डिसक्लेमर

इस लेख में निहित किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है, इसके उपयोगकर्ता इसे महज सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त, इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी।

Edited By: Shivani Singh

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