एक साल पहले हुए किया था धनु में प्रवेश 

26 अक्टूबर 2017 को शनि देव ने धनु राशि में प्रवेश किया था आैर 18 अप्रैल 2018 को वे इसी राशि में वक्री हुए थे। अब 6 सितंबर 2018 को वे मार्गी हो रहे हैं। किसी भी ग्रह में होने वाला परिवर्तन चाहे वो राशि में हो या दशा बदल कर मार्गी आैर वक्री होना हो समाजिक, राजनीतिक आैर आर्थिक स्थितियों पर प्रभाव डालता है। यही कारण है कि अब तक शनि के वक्री होने का असर हर आेर देखा गया। इसी के चलते व्यापारिक मंदी आैर वर्षा के चलते केरल की बाढ़ जैसी बातें सामने आर्इं। अब इन स्थितियों के सुधरने की संभावना है आैर हादसों में कमी आयेगी। विभिन्न राशियों पर शनि के दशा परिवर्तन का प्रभाव पड़ेगा। 

राशियों पर प्रभाव 

यहां जाने कि किस राशि पर शनि के मार्गी होने का क्या प्रभाव पड़ेगा। मेष राशि को अष्टम की ढैय्या से मुक्ति मिलेगी पर शनि का प्रभाव बना रहेगा। वहीं वृष राशि पर अष्टम की ढैय्या का प्रभाव है। मिथुन राशि वालों को घरेलू समस्याआें का सामना करना पड़ेगा। कर्क राशि वालों को कष्ट से मुक्ति मिलेगी। सिंह राशि वालों पर से ढैय्या का असर समाप्त हो जायेगा पर कष्ट अभी बाकी हैं। जबकि कन्या राशि पर ढैय्या प्रारंभ हो रही है। तुला राशि वालों के लिए अच्छे दिनों की शुरूआत होगी। वृश्चिक राशि वालों पर शनि का प्रभाव अभी बाकी रहेगा। धनु राशि वालों पर शनि की साढ़े साती का असर अभी भी आधा बाकी है। मकर राशि वालों पर भी शनि की साढ़े साती शुरू होने वाली है। कुंभ राशि वालों पर शनि की शुभ दृष्टि है सफलता मिलेगी। वहीं मीन राशि वालों को किसी भी कार्य में परेशानी तो नहीं होगी पर पूरी तरह अपेक्षित परिणाम प्राप्त नहीं होगा। 

 

Posted By: Molly Seth