शाम के बाद क्यों नहीं तोड़ने चाहिए तुलसी के पत्ते? पढ़ें शास्त्रों के क्या नियम हैं
हिंदू धर्म में तुलसी को बेहद पवित्र माना गया है। जानिए शाम के समय तुलसी के पत्ते तोड़ने की मनाही ...और पढ़ें

शाम के वक्त क्यों है तुलसी के पत्ते तोड़ने की मनाही? (AI-Generated Image)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में तुलसी के पौधे को बहुत पवित्र और पूजनीय माना जाता है। लगभग हर घर में तुलसी का पौधा लगाया जाता है और रोज इसकी पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, तुलसी माता भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय हैं, इसलिए इन्हें “विष्णु प्रिया” भी कहा जाता है। यही कारण है कि तुलसी के पत्ते तोड़ने को लेकर कई नियम बताए गए हैं।
धार्मिक ग्रंथों जैसे पद्म पुराण और स्कंद पुराण में बताया गया है कि शाम के समय तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ने चाहिए। मान्यता है कि इस समय तुलसी माता भगवान विष्णु की आराधना में लीन रहती हैं। ऐसे में पत्ते तोड़ना उचित नहीं माना जाता। कहा जाता है कि शाम के समय माता लक्ष्मी भी तुलसी जी से मिलने आती हैं। इसलिए इस समय तुलसी को नुकसान पहुंचाने से मां लक्ष्मी नाराज हो सकती हैं।
इन खास दिनों पर भी है तुलसी तोड़ने की मनाही
इसके अलावा रविवार, एकादशी, द्वादशी और संक्रांति के दिन भी तुलसी के पत्ते तोड़ने की मनाही होती है। मान्यता है कि इन दिनों तुलसी माता व्रत और पूजा में रहती हैं। इसलिए इन विशेष तिथियों पर तुलसी तोड़ना शुभ नहीं माना जाता।
विष्णु पुराण में तुलसी से जुड़े कुछ जरूरी नियम भी बताए गए हैं। कहा गया है कि बिना स्नान किए तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ने चाहिए। बिना स्नान तोड़े गए पत्ते भगवान पूजा में स्वीकार नहीं करते। तुलसी के पत्ते 11 दिनों तक बासी नहीं माने जाते, इसलिए उन पर जल छिड़ककर दोबारा भगवान को अर्पित किया जा सकता है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, तुलसी के पत्ते कभी भी नाखून से नहीं तोड़ने चाहिए। साथ ही, तुलसी के पत्तों को चबाना भी अशुभ माना जाता है। तुलसी तोड़ते समय एक विशेष मंत्र बोलने की परंपरा भी है, जिससे पूजा का फल शुभ माना जाता है।
तुलसी के पत्ते तोड़ने के नियम और शुभ समय
- तुलसी के पौधे को हमेशा सूर्योदय के बाद, स्नान करने के बाद और साफ हाथों से ही छूना चाहिए। अगर पत्तियां पहले से टूटी हुई हैं, तो भी उन्हें साफ हाथों से ही उठाएं।
- तुलसी के पत्ते तोड़ने से पहले हमेशा मां तुलसी से प्रतीकात्मक रूप से आज्ञा (अनुमति) अवश्य लेनी चाहिए।
- पत्तियों को तभी तोड़ना चाहिए जब वास्तव में उनकी आवश्यकता हो, विशेषकर किसी धार्मिक अनुष्ठान या पूजा-पाठ के लिए इन्हें तोड़ना अत्यंत उचित माना जाता है।
तुलसी का पौधा लगाने की सही दिशा
- तुलसी के पौधे को हमेशा उत्तर दिशा, ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) या पूर्व दिशा में लगाना चाहिए। इन दिशाओं में तुलसी रखने से घर में सुख-समृद्धि आती है।
- मान्यता है कि तुलसी को पूर्व दिशा में लगाने से घर में सूर्य के समान सकारात्मक और तीव्र ऊर्जा का आगमन होता है।
- यतुलसी के पौधे को कभी भी दक्षिण (South) या दक्षिण-पश्चिम (South-West/नैऋत्य कोण) दिशा में नहीं रखना चाहिए।
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