अशांत मन और बनते कामों में रुकावट? रुद्राक्ष धारण करते ही बदल जाएगी किस्मत, तुरंत जानें सही नियम
सनातन धर्म में रुद्राक्ष का विशेष महत्व है, इसे धारण करने से महादेव की कृपा और जीवन में सुख-शांति मिलती ...और पढ़ें
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रुद्राक्ष पहनने से प्राप्त होगी महादेव की कृपा (Picture Credit- AI Generated)

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। सनातन धर्म में रुद्राक्ष का बेहद खास महत्व है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, रुद्राक्ष की माला पहनने से व्यक्ति को जीवन में शुभ परिणाम देखने को मिलते हैं और महादेव की कृपा से जीवन में सुख-शांति का आगमन होता है। ऐसा माना जाता है कि रुद्राक्ष से जुड़े नियम का पालन न करने से कामों में सफलता प्राप्त नहीं होती है और जीवन में अशांति बनी रहती है।
इसलिए कहा जाता है कि रुद्राक्ष की माला पहनने से पहले नियम के बारे में जरूर जान लें। ऐसे में आइए इस लेख में आपको बताते हैं कि रुद्राक्ष पहनने के नियम (Rules for the Rudraksha Mala) और कौन सा मुखी रुद्राक्ष बेहद फलदायी माना जाता है।
रुद्राक्ष पहनने से मिलते हैं ये लाभ
- धार्मिक मान्यता के अनुसार, सही तरीके से रुद्राक्ष को पहनने से व्यक्ति को भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त होता है। साथ ही व्यक्ति का मन अधिक शांत रहता है।
- इसके अलावा रुद्राक्ष को पहनने से नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव दूर होता है और जीवन में सुख-शांति का आगमन होता है।
- ऐसा माना जाता है कि रुद्राक्ष को विधिपूर्वक करने से सभी कामों में सफलता मिलती है और तरक्की के मार्ग खुलते हैं। साथ ही बिगड़े काम पूरे होते हैं।
- रुद्राक्ष पहनने से पूजा-पाठ में ध्यान लगता है। साथ ही आध्यात्मिक उन्नति होती है।

(Picture Credit- AI Generated)
कौन सा मुखी रुद्राक्ष होता है अधिक शुभ?
धार्मिक मान्यता के अनुसार, सभी रुद्राक्षों में से एक मुखी रुद्राक्ष को पहनना अधिक शुभ माना जाता है, क्योंकि यह रुद्राक्ष भगवान शिव का स्वरूप माना जाता है। इस रुद्राक्ष को विधिपूर्वक पहनने से महादेव की कृपा बरसती है।
रुद्राक्ष धारण करने के लिए शुभ दिन
यदि आप रुद्राक्ष पहनना चाहते हैं, तो सोमवार या महाशिवरात्रि के दिन पहन सकते हैं, क्योंकि यह दिन भगवान शिव को समर्पित है।
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रुद्राक्ष पहनने के नियम
- सुबह स्नान करने के बाद साफ कपड़े धारण करें। इसके बाद सूर्य देव को अर्घ्य दें।
- मंदिर की सफाई करें और रुद्राक्ष को कच्चे दूध और गंगाजल से शुद्ध करें।
- इसके बाद रुद्राक्ष पर चंदन लगाएं और भगवान शिव के चरणों में रखें।
- अब इसे सच्चे मन से धारण करें। इस दौरान भगवान शिव के पंचाक्षरी मंत्र "ॐ नमः शिवाय" का जप करें।
- ध्यान रखें कि रुद्राक्ष को काले घागे में पहनना शुभ नहीं माना जाता है। इसे लाल या पीले धागे में पहन सकते हैं।
- रुद्राक्ष पहनने के बाद तामसिक भोजन का सेवन न करें और किसी से वाद-विवाद न करें।
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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें।
