सुंदरकांड की इन चौपाइयों में छिपे हैं सफलता के सूत्र, रोजाना पाठ से खुल सकती है किस्मत
सुंदरकांड की चौपाइयों का नियमित पाठ जीवन की हर कठिनाई को दूर कर सफलता दिला सकता है। यह पाठ भगवान ...और पढ़ें
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सुंदरकांड की चौपाइयों से पाएं जीवन में सफलता (Picture Credits: AI Generated)

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। जीवन में कई बार ऐसी समस्याएं आती हैं जिसमें हम हार मान लेते हैं और सफलता हासिल कर पाना मुश्किल हो जाता है। आपकी मेहनत के बाद भी सही परिणाम मिले ऐसा हमेशा जरूरी नहीं होता है, इसलिए प्रभु का चिंतन करना भी बहुत जरूरी है।
कई बार रामचरितमानस की कुछ चौपाइयों का पाठ आपको ऐसी शक्ति प्रदान करता है जिससे समस्याओं से बाहर आने में मदद मिलती है। ऐसे ही सुंदरकांड में कुछ चौपाइयां हैं जो सफलता का मूल मंत्र मानी जाती हैं।
यदि आप इन चौपाइयों का पाठ नियमित करेंगे तो आपको कठिन से कठिन काम में भी सफलता मिल सकती है। यही नहीं इनके पाठ से श्री राम और हनुमान जी दोनों की कृपा दृष्टि सदैव आपके ऊपर बनी रहती है। आइए जानें उन प्रमुख चौपाइयों के बारे में।
चौपाई-1
प्रबिसि नगर कीजे सब काजा। हृदयँ राखि कोसलपुर राजा॥
गरल सुधा रिपु करहिं मिताई। गोपद सिंधु अनल सितलाई॥
भावार्थ- सुंदरकांड की चौपाई का अर्थ है किसी भी काम को करने से पहले प्रभु श्रीराम का स्मरण करने से सफलता अवश्य मिलती है। ऐसा माना जाता है कि जो भी व्यक्ति सुंदरकांड की इस चौपाई का पाठ नियमित करता है उनके बिगड़े काम भी बनाने लगते हैं और वो सफलता की ऊंचाइयों तक पहुंचता है।
ऐसे व्यक्ति के लिए विष भी अमृत के समान हो जाता है। शत्रु भी उसका मित्र बन जाता है करता है उसके लिए विष भी अमृत हो जाता है, शत्रु मित्र बन जाता है और उसके लिए विशाल समुद्र भी गाय के खुर के समान छोटा हो जाता है।
ऐसे व्यक्ति को भयंकर अग्नि भी शीतलता प्रदान करने लगती है। अगर आप भी नियमित इस चौपाई को पढ़ते हुए लक्ष प्राप्ति के लिए कार्य करेंगे तो अवश्य सफलता मिल सकती है।
चौपाई-2
कवन सो काज कठिन जग माहीं। जो नहिं होइ तात तुम्ह पाहीं॥
राम काज लगि तव अवतारा। सुनतहिं भयउ पर्बताकारा॥
भावार्थ- इस चौपाई का अर्थ है कि इस जगत में कौन सा ऐसा कार्य है जो आपसे नहीं होगा। श्री राम जी के कार्य को सफल करने के लिए ही तो तुम्हारा अवतार हुआ है।
यह सुनते ही हनुमान जी पर्वत के समान विशालकाय हो गए। यह चौपाई हमें इस बात की प्रेरणा देती है कि संसार में कोई भी ऐसा काम नहीं है जिसे किया न जा सके।
यदि आप भी जीवन में सफल होना चाहते हैं, तो नियमित इस चौपाई का पाठ आपको कठिन परिस्थितियों में भी सफल होने की प्रेरणा देगा।
सुंदरकांड की ये दो प्रमुख चौपाइयां आपकी सफलता का मूल मंत्र हैं, इसलिए आप नियमित इन चौपाइयों का पाठ जरूर करें।
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