यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 16, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Atal Bihari Vajpayee Quotes: छोटे मन से कोई बड़ा नहीं होता, टूटे मन से कोई खड़ा नहीं होता; पढ़ें अटल जी के 10 प्रेरक विचार
Atal Bihari Vajpayee Quotes देश के पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की आज पुण्यतिथि है। आज उनकी ...और पढ़ें

Atal Bihari Vajpayee Quotes: देश के पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की आज पुण्यतिथि है। 16 अगस्त 2018 को उन्होंने अपनी अंतिम सांस ली थी। वे एक महान विचारक, कवि और जनप्रिय राजनेता रहे। उनके विचार आज भी हमें प्रेरित करते हैं। आज उनकी पुण्यतिथि के अवसर पर आप उनके विचारों से स्वयं को प्रेरित कर सकते हैं। जागरण अध्यात्म में पढ़ें अटल बिहारी वाजपेयी के अनमोल विचार।
1. अटल जी कहते थे कि बाधाएं आती हैं आएं,
घिरें प्रलय की घोर घटाएं,
पावों के नीचे अंगारे,
सिर पर बरसें यदि ज्वालाएं,
निज हाथों में हंसते-हंसते,
आग लगाकर जलना होगा।
कदम मिलाकर चलना होगा।
2. वाजपेयी जी का कहना था कि छोटे मन से कोई बड़ा नहीं होता, टूटे मन से कोई खड़ा नहीं होता।
3. उनका पूरा विश्वास था कि मन हार करके मैदान नहीं जीते जाते, न मैदान जीतने से मन ही जीते जाते हैं।
4. वे कहते थे कि इंसान की पहचान उसके धन या पद से नहीं होती है, उसके मन से होती है। वे कहते थे कि मन की फकीरी पर तो कुबेर की संपदा भी रोती है।
5. उनकी प्रसिद्ध कविताओं में से यह पंक्तियां लोकप्रिय हैं।
दांव पर सब कुछ लगा है, रुक नहीं सकते।
टूट सकते हैं, मगर हम झुक नहीं सकते।
6. वाजपेयी जी जात-पात या छूआछूत को नहीं मानते थे। उनका कहना था कि यदि ईश्वर भी कहे कि छूआछूत मानो, तो वे ऐसे ईश्वर को मानने के लिए तैयार नहीं हैं लेकिन ईश्वर ऐसा नहीं कहेंगे।
7. अटल जी का स्पष्ट मानना था कि हमें ध्येय के लिए जीने, जूझने और आवश्यकता पड़ने पर मरने के संकल्प को दोहराना है।
8. अटल जी कहते थे कि उनको मौत से कोई डर नहीं है, वे तो बदनामी होने डरते हैं।
9. अटल जी एक सकारात्मक सोच वाले व्यक्ति थे, इसलिए वे कहते थे कि आदमी को चाहिए कि वह परिस्थितियों से लड़े, एक स्वपन टूटे तो दूसरा गढ़े।
10. वाजपेयी जी एक महान जनसेवक और राष्ट्रभक्त थे। इस बात का प्रमाण आप उनके इस विचार से लगा सकते हैं। उनका मनना था कि देश एक मंदिर है, हम पुजारी हैं, राष्ट्रदेव की पूजा में हमें, खुद को समर्पित कर देना चाहिए।
