विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 07, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Pradosh Vrat 2025: रवि प्रदोष के दिन करें इन मंत्रों का जप, रिश्तें में आएगी मिठास

Published: Sat, 07 Jun 2025 02:08 PM (IST)

प्रदोष व्रत (Ravi Pradosh Vrat 2025) भगवान शिव और देवी पार्वती की पूजा के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। ज्येष्ठ ...और पढ़ें

Ravi Pradosh Vrat 2025: मां पार्वती के 108 नाम।
Ravi Pradosh Vrat 2025: मां पार्वती के 108 नाम।

HighLights

  1. प्रदोष व्रत का सनातन धर्म में बड़ा महत्व है।
  2. इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा होती है।
  3. प्रदोष व्रत से शुभ फलों की प्राप्ति होती है।

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। सनातन धर्म में प्रदोष व्रत बहुत फलदायी माना जाता है। यह तिथि भगवान शिव और देवी पार्वती की पूजा के लिए बहुत शुभ मानी जाती है। यह व्रत हर महीने त्रयोदशी तिथि को रखा जाता है। वैदिक पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ महीने का पहला प्रदोष व्रत (Ravi Pradosh Vrat 2025) 8 जून को मनाया जाएगा है। ऐसे में इस दिन सुबह उठें और स्नान करें।

फिर शिवलिंग पर दूध मिश्रित जल चढ़ाएं। इसके बाद मां पार्वती के 108 नामों का जप करें। ऐसा करने से विवाह से जुड़ी सभी मुश्किलें दूर होंगी। साथ ही रिश्ते मधुर होंगे।

।। मां पार्वती के 108 नाम।।

  • ॐ श्री गौर्यै नमः।
  • ॐ गणेशजनन्यै नमः।
  • ॐ गिरिराजतनूद्भवायै नमः।
  • ॐ गुहाम्बिकायै नमः।
  • ॐ जगन्मात्रे नमः।
  • ॐ गंगाधरकुटुंबिन्यै नमः।
  • ॐ वीरभद्रप्रसुवे नमः।
  • ॐ विश्वव्यापिन्यै नमः।
  • ॐ विश्वरूपिण्यै नमः।
  • ॐ अष्टमूर्त्यात्मिकायै नमः।
  • ॐ कष्टदारिद्र्यशमन्यै नमः।
  • ॐ शिवायै नमः।
  • ॐ शांभव्यै नमः।
  • ॐ शंकर्यै नमः।
  • ॐ बालायै नमः।
  • ॐ भवान्यै नमः।
  • ॐ भद्रदायिन्यै नमः।
  • ॐ माङ्गल्यदायिन्यै नमः।
  • ॐ सर्वमङ्गलायै नमः।
  • ॐ मञ्जुभाषिण्यै नमः।
  • ॐ महेश्वर्यै नमः।
  • ॐ महामायायै नमः।
  • ॐ मन्त्राराध्यायै नमः।
  • ॐ महाबलायै नमः।
  • ॐ हेमाद्रिजायै नमः।
  • ॐ हैमवत्यै नमः।
  • ॐ पार्वत्यै नमः।
  • ॐ पापनाशिन्यै नमः।
  • ॐ नारायणांशजायै नमः।
  • ॐ नित्यायै नमः।
  • ॐ निरीशायै नमः।
  • ॐ निर्मलायै नमः।
  • ॐ अम्बिकायै नमः।
  • ॐ मृडान्यै नमः।
  • ॐ मुनिसंसेव्यायै नमः।
  • ॐ मानिन्यै नमः।
  • ॐ मेनकात्मजायै नमः।
  • ॐ कुमार्यै नमः।
  • ॐ कन्यकायै नमः।
  • ॐ दुर्गायै नमः।
  • ॐ कलिदोषनिषूदिन्यै नमः।
  • ॐ कात्यायिन्यै नमः।
  • ॐ कृपापूर्णायै नमः।
  • ॐ कल्याण्यै नमः।
  • ॐ कमलार्चितायै नमः।
  • ॐ सत्यै नमः।
  • ॐ सर्वमय्यै नमः।
  • ॐ सौभाग्यदायै नमः।
  • ॐ सरस्वत्यै नमः।
  • ॐ अमलायै नमः।
  • ॐ अमरसंसेव्यायै नमः।
  • ॐ अन्नपूर्णायै नमः।
  • ॐ अमृतेश्वर्यै नमः।
  • ॐ अखिलागमसंस्तुतायै नमः।
  • ॐ सुखसच्चित्सुधारसायै नमः।
  • ॐ बाल्याराधितभूतेशायै नमः।
  • ॐ भानुकोटिसमद्युतये नमः।
  • ॐ हिरण्मय्यै नमः।
  • ॐ परायै नमः।
  • ॐ सूक्ष्मायै नमः।
  • ॐ शीतांशुकृतशेखरायै नमः।
  • ॐ हरिद्राकुंकुमाराध्यायै नमः।
  • ॐ सर्वकालसुमङ्गल्यै नमः।
  • ॐ सर्वभोगप्रदायै नमः।
  • ॐ सामशिखायै नमः।
  • ॐ वेदन्तलक्षणायै नमः।
  • ॐ कर्मब्रह्ममय्यै नमः।
  • ॐ कामकलनायै नमः।
  • ॐ कांक्षितार्थदायै नमः।
  • ॐ चन्द्रार्कायितताटङ्कायै नमः।
  • ॐ चिदंबरशरीरिण्यै नमः।
  • ॐ श्रीचक्रवासिन्यै नमः।
  • ॐ देव्यै नमः।
  • ॐ कामेश्वरपत्न्यै नमः।
  • ॐ कमलायै नमः।
  • ॐ मारारातिप्रियार्धांग्यै नमः।
  • ॐ मार्कण्डेयवरप्रदायै नमः।
  • ॐ पुत्रपौत्रवरप्रदायै नमः।
  • ॐ पुण्यायै नमः।
  • ॐ पुरुषार्थप्रदायिन्यै नमः।
  • ॐ सत्यधर्मरतायै नमः।
  • ॐ सर्वसाक्षिण्यै नमः।
  • ॐ शतशांगरूपिण्यै नमः।
  • ॐ श्यामलायै नमः।
  • ॐ बगलायै नमः।
  • ॐ चण्ड्यै नमः।
  • ॐ मातृकायै नमः।
  • ॐ भगमालिन्यै नमः।
  • ॐ शूलिन्यै नमः।
  • ॐ विरजायै नमः।
  • ॐ स्वाहायै नमः।
  • ॐ स्वधायै नमः।
  • ॐ प्रत्यंगिराम्बिकायै नमः।
  • ॐ आर्यायै नमः।
  • ॐ दाक्षायिण्यै नमः।
  • ॐ दीक्षायै नमः।
  • ॐ सर्ववस्तूत्तमोत्तमायै नमः।
  • ॐ शिवाभिधानायै नमः।
  • ॐ श्रीविद्यायै नमः।
  • ॐ प्रणवार्थस्वरूपिण्यै नमः।
  • ॐ ह्र्रींकार्यै नमः।
  • ॐ नादरूपायै नमः।
  • ॐ त्रिपुरायै नमः।
  • ॐ त्रिगुणायै नमः।
  • ॐ ईश्वर्यै नमः।
  • ॐ सुन्दर्यै नमः।
  • ॐ स्वर्णगौर्यै नमः।
  • ॐ षोडशाक्षरदेवतायै नमः।

यह भी पढ़ें: Tarot Card Reading: शनिवार के दिन करें ये असरदार उपाय, जानिए टैरो विशेषज्ञ की सलाह

अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।