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विशाल रथ, लाखों भक्त और एक अनूठी परंपरा: आज से शुरू हो रही है जगन्नाथ रथ यात्रा, देखें पूरा शेड्यूल

Published: Wed, 15 Jul 2026 07:00 PM (GMT+05:30)Updated: Thu, 16 Jul 2026 09:47 AM (GMT+05:30)

ओडिशा के पुरी में इस साल निकलने वाली जगन्नाथ रथ यात्रा 2026 का आयोजन 16 जुलाई से होगा। इस भव्य ...और पढ़ें

जगन्नाथ रथ यात्रा 2026 कैलेंडर

जगन्नाथ रथ यात्रा 2026 कैलेंडर

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। ओडिशा के पुरी में हर साल जगन्नाथ रथ यात्रा बड़ी भव्यता के साथ निकाली जाती है। यह उत्सव हिंदू धर्म के अत्यंत महत्वपूर्ण त्योहारों में शामिल है। इस दिव्य नजारे को देखने के लिए देश-दुनिया से लाखों की संख्या में श्रद्धालु पुरी पहुंचते हैं।

साल के ज्यादातर समय भक्त भगवान के दर्शन के लिए मंदिर जाते हैं, लेकिन रथ यात्रा की सबसे खास बात यह है कि, इसमें देवता मंदिर के बाहर आकर पुरी की गलियों से गुजरते हुए श्रद्धालुओं को दर्शन देते हैं। इस रथ यात्रा में भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और बहन सुभद्रा तीनों लकड़ी के बने रथों पर विराजमान होते हैं, जिन्हें हजारों की संख्या में श्रद्धालु खींचते हैं।

जगन्नाथ रथ यात्रा 2026 तिथि

जगन्नाथ रथ यात्रा 2026 का भव्य आयोजन 16 जुलाई, 2026 गुरुवार से हो रहा है। जब भगवान जगन्नाथ अपने भाई और बहन के साथ मंदिर से बाहर निकलकर पुरी की गलियों में भव्य रथ यात्रा का आनंद उठाएंगे।

जगन्नाथ रथ यात्रा 2026 कार्यक्रम

तारीख  आयोजन
16 जुलाई 2026 रथ यात्रा का आरंभ
20 जुलाई 2026 बहुदा यात्रा (वापसी यात्रा)
24 जुलाई 2026  सुना बेशा
26 जुलाई 2026  अधारा पाना
27 जुलाई 2026

 नीलाद्री बीजे

जगन्नाथ रथ यात्रा का सबसे मनमोहक पहलू जुलूस शुरू होने से काफी पहले ही घटित होता है। विशाल रथों का दुबारा इस्तेमाल नहीं कि़या जाता है, बल्कि हर साल नए सिरे से नई लकड़ियों के साथ बनाया जाता है।

जगन्नाथ रथ यात्रा क्यों निकाली जाती है?

जगन्नाथ रथ यात्रा प्रभु जगन्नाथ और उनके भाई बहन की यात्रा का प्रतीक है, जब वे जगन्नाथ मंदिर से अपनी मौसी से मिलने के लिए गुंडिचा मंदिर तक जाते हैं। यह वार्षिक यात्रा अथाह प्रेम, करुणा और अपने भक्तों के पास रहने की भगवान की इच्छा को दिखाता है।

पुरी जगन्नाथ रथ यात्रा का आध्यात्मिक महत्व

पुरी जगन्नाथ यात्रा गहरी आध्यात्मिक शिक्षाएं प्रदान करती हैं। समानता कोई भी रथ की रस्सियां खींच सकता है, यह इस बात का प्रतीक है कि, ईश्वरीय कृपा का प्रात्र हर कोई है।

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