Lohri 2026: लोहड़ी की रात सूर्य-मंगल और शुक्र बनाएंगे शक्तिशाली योग, करियर में मिलेगी गुड न्यूज
लोहड़ी का दिन बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इस पर्व को हर 13 जनवरी को मनाया जाता है। इस खास ...और पढ़ें
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Lohri 2026: लोहड़ी लेकर आएगी खुशियों का बहार (Image Source: AI-Generated)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
दिव्या गौतम, एस्ट्रोपत्री। हर वर्ष 13 जनवरी को लोहड़ी का पर्व पूरे उत्साह और परंपरा के साथ मनाया जाता है। यह त्योहार केवल ऋतु परिवर्तन और फसल से जुड़ा नहीं है, बल्कि ज्योतिषीय दृष्टि से भी इसका विशेष महत्व माना जाता है। लोहड़ी के समय सूर्यदेव मकर राशि की ओर बढ़ते हैं, जिससे ग्रहों की स्थिति में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिलते हैं।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस दौरान बनने वाले शुभ योग जीवन में सकारात्मक संकेत देते हैं। इन योगों का प्रभाव करियर (Sun Mars Venus yoga career), धन और सामाजिक प्रतिष्ठा पर पड़ता है। साथ ही पारिवारिक जीवन में स्थिरता और आत्मविश्वास बढ़ने के योग बनते हैं। यही कारण है कि लोहड़ी को केवल उत्सव नहीं, बल्कि नई शुरुआत का प्रतीक भी माना जाता है।
लोहड़ी 2026 पर बनने वाले योग
लोहड़ी (Lohri 2026 astrology) के दिन ग्रहों की स्थिति ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष मानी जा रही है। इस दौरान सूर्यदेव और मंगलदेव का नौवें भाव में होना मंगलादित्य योग का निर्माण करेगा। यह योग साहस, आत्मविश्वास और निर्णय क्षमता को मजबूत करता है। नौवां भाव धर्म, भाग्य, उच्च शिक्षा और विदेश यात्रा से जुड़ा होता है, इसलिए इस योग से धार्मिक कार्यों, पढ़ाई और विदेश से जुड़
अवसरों में लाभ के संकेत मिलते हैं।
वहीं, दसवें भाव में शुक्रदेव के साथ सूर्य की स्थिति से शुक्रादित्य राजयोग बनेगा, जो करियर, धन और सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ाने वाला माना जाता है। हालांकि, इस समय पिता और जीवनसाथी से जुड़े संबंधों में संयम और संवाद बनाए रखना आवश्यक होगा, ताकि किसी प्रकार का तनाव न उत्पन्न हो।
सूर्यदेव का मकर राशि में विशेष प्रभाव
लोहड़ी का पर्व सूर्यदेव के उत्तरायण होने की प्रक्रिया से जुड़ा हुआ है। इस समय सूर्यदेव धनु राशि के अंतिम चरण में रहते हुए मकर राशि में प्रवेश की तैयारी करते हैं। मकर राशि को कर्म, अनुशासन और स्थिर प्रगति की राशि माना जाता है। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार जब सूर्यदेव मकर राशि (Lohri lucky zodiac signs) से जुड़ते हैं, तो व्यक्ति के कार्यक्षेत्र, नेतृत्व क्षमता और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है। इस दौरान किए गए संकल्प, दान और शुभ कार्य लंबे समय तक सकारात्मक परिणाम देने वाले माने जाते हैं।
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(Image Source: AI-Generated)
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार लोहड़ी के दिन किया गया दान शुभ योगों के प्रभाव को और मजबूत करता है। तिल, गुड़, मूंगफली, कंबल और गर्म वस्तुओं का दान विशेष रूप से शुभ माना गया है। यह दान सूर्यदेव और शनिदेव से जुड़े दोषों को शांत करने में सहायक माना जाता है। मान्यता है कि लोहड़ी की अग्नि में अर्पण और सेवा भाव से किए गए कर्म आने वाले समय में सुख, समृद्धि और मानसिक शांति का आधार बनते हैं। यही कारण है कि लोहड़ी को केवल पर्व नहीं, बल्कि भविष्य को दिशा देने वाला अवसर माना जाता है।
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लेखक: दिव्या गौतम, Astropatri.com अपनी प्रतिक्रिया देने के लिए hello@astropatri.com पर संपर्क करें।
