विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

पितृ पक्ष में नए कपड़े खरीदें या नहीं, कहीं आप भी तो नहीं कर रहे ये गलती, क्या हैं शास्त्रों के सही नियम?

Published: Mon, 07 Sep 2026 09:41 AM (IST)Updated: Sat, 26 Sep 2026 08:52 AM (IST)

पितृ पक्ष में नए कपड़े या वस्तुएं खरीदना वर्जित नहीं, पर यह समय सादगी और पूर्वजों के प्रति सम्मान का ...और पढ़ें

पितृपक्ष 2026 पर न करें ये काम (AI-Generated Image)

पितृपक्ष 2026 पर न करें ये काम (AI-Generated Image)

HighLights

  1. पितृ पक्ष पूर्वजों को समर्पित, सादगी और सम्मान का समय।

  2. नए कपड़े खरीदना वर्जित नहीं, पर दिखावे से बचें।

  3. हल्के रंग के सादे वस्त्र पहनना शुभ माना जाता है।

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में पितृ पक्ष (Pitru Paksha 2026) को अत्यंत पवित्र और महत्वपूर्ण माना गया है। यह वह विशेष समय है, जो पूरी तरह से हमारे दिवंगत पूर्वजों को समर्पित होता है। इन दिनों में लोग अपने पितरों की आत्मा की शांति और उनका आशीर्वाद पाने के लिए श्रद्धापूर्वक श्राद्ध, तर्पण और दान-पुण्य जैसे कार्य करते हैं।

लेकिन, हर साल पितृ पक्ष आते ही एक आम सवाल लोगों के मन में जरूर उठता है कि क्या इस दौरान नए कपड़े या अन्य नई चीजें खरीदनी चाहिए? आइए इस आर्टिकल में समझते हैं कि हमारे धार्मिक नियम क्या कहते हैं।

दिखावे से दूर रहने का समय

शास्त्रों की मानें तो पितृ पक्ष में नए कपड़े या कोई भी नई चीज खरीदना पूरी तरह से वर्जित तो नहीं है, लेकिन इसे उचित भी नहीं माना जाता। दरअसल, यह समय खुशी मनाने का नहीं है। नई चीजें या चमकीले कपड़े हमारे मन में दिखावे की भावना पैदा कर सकते हैं। यह 16 दिनों का समय पूरी तरह से आध्यात्मिक शांति, सादगी और पूर्वजों के प्रति सम्मान प्रकट करने के लिए होता है।

सादगी और हल्के रंगों का महत्व

  • धार्मिक शास्त्रों की मानें तो इन दिनों में सादे और सात्विक कपड़े पहनना ही सबसे अच्छा होता है।
  • पूजा-पाठ और तर्पण के दौरान सफेद, हल्का पीला या अन्य हल्के रंग के कपड़े पहनने चाहिए।
  • हल्के रंग मन को शांत रखते हैं और पवित्रता का अहसास कराते हैं।
  • सादे कपड़े में रहकर जब आप श्राद्ध करते हैं, तो मन में कोई अभिमान नहीं आता और पूरा ध्यान पितरों की सेवा पर ही रहता है।

पारिवारिक परंपरा और अपवाद

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अगर आपके परिवार, गांव या समाज में सालों से यह परंपरा चली आ रही है कि पितृ पक्ष में कुछ नया खरीदा जाता है या पहना जाता है, तो आप बेझिझक अपनी उस पारिवारिक परंपरा को निभा सकते हैं। धर्म किसी भी नियम को थोपता नहीं है, बल्कि व्यक्तिगत मान्यताओं का सम्मान करता है। हर क्षेत्र और परिवार की परंपराएं अलग हो सकती हैं। आप इसका पालन कर सकते हैं। आपके परिवार में इस दौरान अगर कोई खास पुरानी परंपरा निभाई जाती है तो आप वो भी कर सकते हैं।

यह भी पढ़ें- भाद्रपद अमावस्या पर इन जगहों पर जलाएं दीपक, पितृ दोष की समस्या होगी दूर

यह भी पढ़ें- सितंबर में खरीद रहे हैं नई गाड़ी? पितृपक्ष से पहले इन 5 शुभ दिनों में ही लें डिलीवरी

अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें।