क्या सावन में जन्मे लोग सचमुच 'जिद्दी' होते हैं? जानिए इस धारणा के पीछे का असली सच और धार्मिक दृष्टिकोण
सावन माह में जन्मे लोगों को अक्सर जिद्दी माना जाता है, लेकिन वे दृढ़ निश्चयी होते हैं और भगवान शिव के स्वभाव से प्रभावित होते हैं।

कम बोलते हैं सावन में पैदा होने वाले लोग । (Picture Credit- AI Generated)

समय कम है?
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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। सावन का महीना बहुत ही पावन होता है। इस माह जन्में लोगों के अंदर भगवान शिव के स्वभाव का प्रभाव होता है। स्कंद पुराण के 'माहेश्वर खंड' और इसके अंतर्गत आने वाले 'केदार खंड' और 'श्रावण माहात्म्य' के अध्यायों में भगवान शिव और माता पार्वती की कृपा और भक्तों के लक्षणों का विस्तृत वर्णन मिलता है।
पुराण में इस बात का साफ उल्लेख मिलता है कि सावन में जिन लोगों का जन्म होता है, वे स्वभाव से थोड़े जिद्दी होते हैं। दरअसल, इन्हें जिद्दी कहने से ज्यादा बेहतर होगा दृढ़ संकल्प लेने वाले लोग, क्योंकि ये लोग जो एक बार ठान लेते हैं, उसे पूरा करके ही मानते हैं। इसलिए कभी-कभी इनके स्वभाव में जिद्दीपन झलकता है। चलिए हम आपको इनके स्वभाव की और भी विशेषता बताते हैं।
भगवान शिव का होता है प्रभाव
जिन लोगों का जन्म सावन में होता है, उनसे भगवान शिव की ऊर्जा जुड़ी होती है। ये लोग शांत, मगर गंभीर स्वभाव के होते हैं। इनका गुण होता है कि ये जो बोलते हैं, वही करते हैं।
आत्मविश्वास से भरे होते हैं
ऐसे लोग आत्मविश्वास से सराबोर होते हैं। इन्हें अपने लक्ष्यों को पूरा करना अच्छी तरह आता है। सबसे अच्छी बात यह है कि यह है कि ये कभी भ्रमित नहीं होते। कई बार इनके काम करने के तरीके को देखकर लोग इन्हें अहंकारी भी कहते हैं, मगर इनके स्वभाव के बारे में यह बात सच नहीं है।
बहुत इमोशनल होते हैं
सावन में जन्में लोग स्वभाव से बहुत अधिक इमोशनल भी होते हैं। रिश्ते इनके लिए बहुत जरूरी होते हैं और किसी भौतिक सुख से ज्यादा यह अपने रिश्तों को प्राथमिकता देते हैं। इनके संवेदनशील होने के कारण कई बार लोग इनका गलत फायदा तक उठा लेते हैं।
अतः सावन में जिन लोगों का जन्म होता है, वे जिद्दी तो नहीं मगर अपनी जुबान के पक्के होते हैं और जो सोच लेते हैं उसे करने की जिद पकड़ लेते हैं।
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