Aaj Ka Panchang: हिन्दू कैलेंडर के अनुसार, आज मार्गशीर्ष मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि है। आज 02 दिसंबर 2021 और दिन गुरूवार है। मान्यता अनुसार हिंदी माह के दोनों पक्षों की त्रयोदशी तिथि के दिन प्रदोष का व्रत रखा जाता है। आज गुरूवार होने के कारण गुरू प्रदोष का संयोग हैं। इसके साथ ही आज रात्रि के 08 बजकर 37 मिनट के बाद से चतुर्दशी तिथि लग रही है। कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को माह की शिवरात्रि का पूजन किया जाता है। हालांकि चतुर्दशी तिथि का सूर्योदय अगले दिन 03 दिसंबर को होगा। लेकिन शिवरात्रि का पूजन रात्रि में होने के कारण आज ही प्रदोष व्रत और अगहन माह की शिवरात्रि दोनों के पूजन का विशेष संयोग बना है। इसके साथ ही आज के पंचांग में शुभ मुहूर्त, राहुकाल, दिशाशूल के अलावा सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, चंद्रास्त आदि के बारे में भी जानकारी दी जा रही है।

आज का पंचांग

आज का दिशाशूल: दक्षिण।

विशेष: प्रदोष।

आज की भद्रा: रात्रि के 08:37 बजे से 3 दिसंबर को प्रात: 06:40 बजे तक।

विक्रम संवत 2078 शके 1943 दक्षिणायन, दक्षिणगोल, हेमंत ऋतु मार्गशीर्ष मास कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी 20 घंटे 37 मिनट तक, तत्पश्चात् चतुर्दशी स्वाती नक्षत्र 16 घंटे 28 मिनट तक, तत्पश्चात् विशाखा नक्षत्र, शोभन योग 16 घंटे 59 मिनट तक, तत्पश्चात् अतिगण्ड योग तुला में चंद्रमा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

आज के दिन सूर्योदय प्रात:काल 06 बजकर 57 मिनट पर हुआ है, वहीं सूर्यास्त शाम को 05 बजकर 24 मिनट पर होगा।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

चंद्रोदय आज प्रातः 05 बजकर 33 मिनट पर होना है। चंद्र के अस्त का समय अगले दिन दोपहर 03 बजकर 50 मिनट पर है।

आज का शुभ समय

शुभ योग: शोभन योग 16 घंटे 59 मिनट तक, इसके बाद अतिगण्ड योग रहेगा।

ब्रह्म मुहूर्तः प्रातः 05 बजकर 09 मिनट से 06 बजकर 03 मिनट तक रहेगा।

अभिजित मुहूर्त: दोपहर 11 बजकर 50 मिनट से दोपहर 12 बजकर 31 मिनट तक।

विजय मुहूर्त: दोपहर 01 बजकर 55 मिनट से दोपहर 02 बजकर 37 मिनट तक।

अमृत काल: आज प्रातः काल 08 बजकर 31 मिनट से 09 बजकर 58 मिनट तक।

आज मार्गशीर्ष माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि रहेगी। इस तिथि में भगवान शिव के प्रदोष व्रत का विधान है। लेकिन साथ ही शाम को चतुर्दशी तिथि भी लग रही है। इस तिथि माह की शिवरात्रि का पूजन किया जाता है। शिवरात्रि का पूजन रात्रि में किया जाने के कारण मासिक शिवरात्रि का व्रत भी आज, 02 दिसंबर को ही रखा जाएगा। इस दिन भगवान शिव और मां पार्वती के पूजन के विशेष संयोग का निर्माण हो रहा है।

 

Edited By: Jeetesh Kumar