महाशिवरात्रि की खुश्‍बू

वातावरण फाल्गुनी बयार तथा बसंती महक से सुरक्षित है पृथ्वी और नभ मांगलिक लक्षणों से युक्त हो रहे हैं शंख और घंटी की ध्वनि गूंज रही है मनुष्य का भक्ति मंदिरों और मठों की ओर जा रहे हैं। पवित्र नदियों के तटों पर स्नान की धूम होगी तो कहीं पूजा पाठ तथा हर हर महादेव के स्वर उत्पन्न होंगे। मांगलिक लक्षण प्रकट हो रहे हैं शंख और घंटो की धोनी गूंज रही है। मंदिर और मठ ऊर्जा से परिपूर्ण हैं। पूजा पाठ में हर हर महादेव के स्वर उत्पन्न हुई भक्‍ति की लहर सब ओर फैल रही है। महादेव शिव कभी दिगंबर कपालधारी रूप में नजर आते हैं तो कभी पर्वत पर विराजमान योगी के रूप में। कभी अत्यधिक खुशी से कर्मशील को सब कुछ दे देते हैं तू कभी कभी क्रुद्ध होकर काम को भस्म कर देते हैं। मतवाले विचित्र की तरह आचरण विचरण करते परिलक्षित होते शिव वास्तव में योगेश्वर हैं 
शिव अभिषेक से मनोकामना पूर्ति
इस महाशिवरात्रि  के अवसर पर आरोग्य प्राप्ति के लिए देसी घी, दीर्घायु की प्राप्ति के लिए गाय के दूध, तपेदिक रोग से मुक्ति के लिए शहद, बुद्धि जड़ता के नाश के लिए चीनी मिश्रित दूध, वंश वृद्धि के लिए शिव सहस्रनाम का पाठ करते हुए निरंतर देसी घी की धारा, मोक्ष प्राप्ति के लिए तीर्थ स्थान का जल, लक्ष्मी को प्राप्त करने के लिए गन्ने का रस, पशु धन प्राप्ति के लिए दही से, अनावृष्टि निवारण के लिए जल से, लक्ष्मी को स्थिर रखने के लिए घी और शहद से, व्याधियों के नाश के लिए संयुक्त जल से, भगवान शिव का अभिषेक करने से वे सर्वाधिक रूप से प्रसन्न होते हैं। शास्त्रों में अनेक प्रकार से भगवान शिव को प्रसन्न करने का निर्देश दिया गया है। इस महाशिवरात्रि पर आप ऊपर दी गई इन विशिष्ट विधियों से अभिषेक करके मनोकामना पूर्ति कर सकते हैं। ये जानकारी देते हुए आचार्य पंडित दीपक पांडे ने बताया कि महाशिवरात्रि शिव पूजा का सबसे बड़ा पर्व है इस महापर्व पर प्रत्येक हिंदू धर्मावलंबी शिवलिंग का जलाभिषेक जरूर करता है इस बार की शिवरात्रि पर भगवान शिव का पूजन भुतहा शास्त्रोक्त विधि से करें भगवान शिव को गन्ना, जॉकी वाली बेल, अक्षत, धतूरा, मदार के पुष्प, और शुद्ध जल अवश्य अर्पित करें। 
 

By Molly Seth