Motivational Story: एक बार एक राजा बेहद खुश था। अपनी खुशी जाहिर करना राजा ने राज्य में भ्रमण किया। राजा अपने साथ कुछ सिपाहियों को लेकर गया। सिपाहियों के पास कुछ सोने के सिक्के थे। इस दौरान राजा लोगों की सुनवाई कर रहा था। साथ ही उन्हें समाधान बताकर उनको उपहार दे रहा था। उपहार में सोने के सिक्के दिए जा रहे थे। यह करते-करते काफी समय बीत गया था।

सुनवाई के दौरान राजा की नजर एक भिखारी पर पड़ी। वह भिखारी उदास बैठा हुआ था। तभी राजना ने भिखारी को अपने पास बुलाया। साथ ही सैनिकों को आदेश भी दिया कि तुम एक सोने का सिक्का इसे भी दे दो। राजा के कहने पर सैनिकों ने उसे सोने का सिक्का दे दिया। सोने का सिक्का लेकर भिखारी आगे बढ़ गया।

जब भिखारी आगे जा रहा था तब उसके बगल में एक नाला था। भिखारी का सिक्का उस नाले में गिर जाता है। यह देख भिखारी बेहद परेशान हो गया। भिखारी ने सोचा कि कितनी मुश्किल से तो उसे सोने का सिक्का मिला था। उस सोने के सिक्के को ढूंढने के लिए भिखारी काफी मेहनत करने लगा। उसने काफी देर तक मेहनत किया। उसे यह सब करता देख राजा देख रहा था। उसने अपने सिपाहियों से कहकर उसे बुलाने के लिए कहा।

फिर भिखारी ने राजा को पूरा किस्सा सुनाया। राजा ने कहा कि इसमें तुम अपना सिक्का बर्बाद मत करो। मैं तुम्हें एक और सोने का सिक्का देता हूं। राजा ने भिखारी को एक और सोने का सिक्का दे दिया। सिक्का लेने के बाद भिखारी वापस से उस नाले में गिरे हुए सिक्के को ढूंढने लगा। राजा ने फिर प्रयास किया और भिखारी को एक और सिक्का दे दिया। राजा ने कहा कि वो नाले में गिरा हुआ सिक्का न ढूंढे। अब उसके पास 3 सिक्के थे जिसमें से एक सिक्का नाले में गिरा हुआ था और बाकि के दो उसके पास थे। फिर भी उसका ध्यान उसी सिक्के पर था जो नाले पर पड़ गया था।

सीख: कई लोगों ऐसे होते हैं जिन्हें कुछ भी मिल जाए वो उन्हीं बातों को लेकर बैठे रहते हैं जो उन्हें खो दिया है। या फिर उनके साथ कुछ भी अच्छा हो जाए वो फिर भी पिछली बुरी बातों को नहीं भूलते हैं। ऐसे में हमें जो खो जाए उसके बारे में नहीं सोचना चाहिए।  

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