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Mauni Amavasya 2026: 17 या 18 जनवरी, किस दिन है मौनी अमावस्या? यहां नोट करें सही तिथि और शुभ मुहूर्त

Published: Thu, 15 Jan 2026 09:32 PM (IST)

यह लेख मौनी अमावस्या 2026 की सही तिथि स्पष्ट करता है, जो उदया तिथि के अनुसार 18 जनवरी को है, ...और पढ़ें

Mauni Amavasya 2026: मौनी अमावस्या का धार्मिक महत्व

 Mauni Amavasya 2026: मौनी अमावस्या का धार्मिक महत्व 

HighLights

  1. माघ का महीना मां गंगा को समर्पित होता है।

  2. इस माह में वसंत पंचमी का त्योहार मनाया जाता है।

  3. अमावस्या के दिन पितरों का तर्पण किया जाता है।

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। सनातन धर्म में मौनी अमावस्या का खास महत्व है। यह दिन भगवान शिव को समर्पित होता है। इस शुभ अवसर पर गंगा स्नान कर भगवान शिव और विष्णु जी की भक्ति भाव से पूजा की जाती है। साथ ही पितरों का श्राद्ध और तर्पण किया जाता है। मौनी अमावस्या के दिन मौन साधना की जाती है।

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इसके साथ ही आर्थिक स्थिति अनुसार दान-पुण्य किया जाता है। इस साल शुक्रवार 16 जनवरी को मासिक शिवरात्रि है। यह पर्व हर महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है। इसके अगले दिन अमावस्या मनाई जाती है। इसके लिए लोगों के मन में दुविधा है कि माघ अमावस्या 17 या 18 जनवरी किस दिन मनाई जाएगी? आइए, इसके बारे में सबकुछ जानते हैं-

माघ माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि

वैदिक पंचांग के अनुसार, गुरुवार 15 जनवरी को रात 08 बजकर 17 मिनट से माघ माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि शुरू होगी। वहीं, त्रयोदशी तिथि का समापन 16 जनवरी को रात 10 बजकर 21 मिनट पर होगा। त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष काल में भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा की जाती है। इसके लिए 16 जनवरी को प्रदोष व्रत मनाया जाएगा।

माघ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि

वैदिक पंचांग के अनुसार, शुक्रवार 16 जनवरी को रात 10 बजकर 21 मिनट से माघ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि शुरू होगी। वहीं, चतुर्दशी तिथि का समापन 18 जनवरी को रात 12 बजकर 03 मिनट पर होगा। हर माह कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर मासिक शिवरात्रि मनाई जाती है। वहीं, मासिक शिवरात्रि को निशा काल में भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा की जाती है। इसके लिए 16 जनवरी को ही मासिक शिवरात्रि मनाई जाएगी। इसके बाद अमावस्या तिथि शुरू होगी।

कब मनाएं मौनी अमावस्या?

ज्योतिषियों की मानें तो शनिवार 17 जनवरी को चतुर्दशी तिथि है, जिसका समापन अंग्रेजी कैलेंडर से 18 जनवरी को देर रात 12 बजकर 03 मिनट पर होगा। इसके लिए 17 जनवरी को रिक्ता होगा। वहीं, उदया तिथि से मौनी अमावस्या

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रविवार 18 जनवरी को मानना श्रेष्ठकर होगा।

मौनी शुभ योग (Mauni Amavasya Shubh Yog)

ज्योतिषियों की मानें तो मौनी अमावस्या पर हर्षण और सर्वार्थ सिद्धि योग समेत कई मंगलकारी संयोग बन रहे हैं। इसके साथ ही शिववास योग का भी निर्माण हो रहा है। इन योग में पितरों का श्राद्ध और तर्पण करने से पूर्वजों को मोक्ष की प्राप्ति होगी। वहीं, साधक पर पितरों की कृपा बरसेगी।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।