नई फसल का उत्‍सव 

पंजाब, हरियाणा व हिमाचल में मकर संक्रांति की पूर्व संध्या पर लोहड़ी का त्योहार नई फसल के उत्सव के रूप में मनाया जाता है। पंजाबियों में नववधू और बच्चे की पहली लोहड़ी बहुत विशेष होती है। लोहड़ी की रात खुले स्थान में पवित्र अग्नि जलाते हैं और परिवार व आस-पड़ोस के लोग लोकगीत गाते हुए नए धान के लावे के साथ खील, मक्का, गुड़, रेवड़ी, मूंगफली आदि उस पवित्र अग्नि को अर्पित कर परिक्रमा करते हैं। 

रोचक कहानी 

लोहड़ी त्योहार के पीछे एक दुल्ला भट्टी का रोचक ऐतिहासिक कथानक भी जुड़ा है। कहा जाता है कि पुराने समय में सुंदर एवं मुंदर नाम की दो अनाथ लड़कियां थीं। उनके चाचा ने राज्य के सूबेसार का कृपापात्र बनने के लिए उन बच्चियों को उस सूबेसार को सौंप दिया। उस राज्य में दुल्ला भट्टी नाम का एक नामी डाकू था, जो अमीरों व घूसखोरों से धन लूटकर गरीबों की मदद किया करता था। जब उसके कानों तक यह बात पहुंची तो उसने दोनों लड़कियों को उन जालिमों से छुड़ा कर दो अच्छे लड़के देखकर उनकी शादियां करा दीं। उसने खुद ही पिता के रूप में उन दोनों का कन्यादान किया। तभी से उसकी याद में यह त्योहार मनाया जाने लगा।

By- पूनम नेगी

By Molly Seth