हिंदु और सिखों का पवित्र त्‍योहार

बैसाखी पारंपरिक रूप से हर साल 13 या 14 अप्रैल को मनाया जाता है। त्योहार सिख और हिंदुओं दोनों के लिए महत्वपूर्ण है। त्योहार अन्य नए साल के त्यौहारों के साथ मेल खाता है, जो भारतीय उपमहाद्वीप के अन्य क्षेत्रों में, जैसे पोहेला बोशाख, बोहाग बिहू, विशु, पुथंडु और अन्य क्षेत्रों में वैशाख के पहले दिन मनाए जाते हैं। इस दिन ये शनिवार 14 अप्रैल 2018 को पड़ रहा है। ये तिथि सूर्य के राशि परिर्वतन की होती है। 

मेष राशि में प्रवेश

वैशाखी को सूर्य की संक्रांति होती है अर्थात इस दिन सूर्य एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करते हैं। वैसे तो ये तिथि हर माह पड़ती हैं पर मकर संक्राति की तरह बैशाख माह की इस संक्राति का भी विशेष महत्‍व होता है। इसे बैशाखी कहते हैं और इस दिन सूर्य मीन राशि से निकल कर मेष राशि में प्रवेश करेंगे। पंडित दीपक पांडे के अनुसार इस दिन का हिंदु धर्म में खास महात्‍म्‍य होता है। 

गंगा स्‍नान से मिलता है पुण्‍य

इस दिन गंगा स्‍नान का अत्‍यंत महत्‍व होता है। इस दिन पाप मोचनी गंगा में स्‍नान करने से पुण्‍य लाभ होता है। अत: इस दिन प्रात: काल गंगा स्‍नान करना चाहिए। इसके बाद योग्‍य व्‍यक्‍तियों को समुचित दान दक्षिणा देनी चाहिए। इस वर्ष इस पर्व का विशेष महत्‍व इसलिए भी है क्‍योंकि इस साल के राजा सूर्य हैं और ये पर्व शनिवार को पड़ रहा है और शनि सूर्य पुत्र एवम् इस संवत्‍सर के मंत्री हैं।  

 

By Molly Seth