वाराणसी काशी में धर्म मार्च को लेकर साधु-संतों व पूजा समितियों की सक्रियता बढ़ गई है। गंगा में प्रतिमाओं के विसर्जन को लेकर जनसमर्थन जुटाने व पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में पांच अक्टूबर को धर्ममार्च का आयोजन किया गया है। इस आंदोलन में देशभर से संतों की जुटान होगी। आंदोलन को धार देने के लिए पूजा आयोजन समितियों व हिंदू संगठनों को एकजुट किया जा रहा है।
जन-जन को जोडऩे की कोशिश - लाठीचार्ज व देवी-देवताओं की प्रतिमाओं का विसर्जन गंगा में करने को लेकर आंदोलन जोर पकड़ रहा है। धर्ममार्च से जन-जन को जोडऩे के उद्देश्य से कहीं पदयात्रा निकाली जा रही है तो कहीं धरना-प्रदर्शन हो रहा है।
बैठक व सभाओं का दौर- काशी के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों, मठों- मंदिरों, सामाजिक-सांस्कृतिक व स्वयंसेवी संगठनों से संपर्क साधा जा रहा है। पुतला दहन संग बैठकों व सभाओं का भी दौर जारी है।
श्रीविद्या मठ पहुंच रहे -आंदोलन को समर्थन देने के लिए सोमवार को आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय सिंह श्रीविद्या मठ पहुंचे। लाठीचार्ज में चोटिल स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद व अन्य बटुकों का कुशलक्षेम जाना। लाठीचार्ज पर क्षोभ व्यक्त करते हुए प्रशासन के रवैये को हिटलरशाही बताया। गंगा में मूर्ति विसर्जन संग आचमन करने से रोकने पर प्रशासन की भत्र्सना की। दोषी अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
मठ में दी दस्तक - कौमी एकता दल, विश्व हिंदू परिषद, शिवसेना, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, बजरंग दल, दुर्गावाहिनी सहित अन्य संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी श्रीविद्या मठ में दस्तक दी और वहां आयोजित सभा में भागीदारी कर पांच अक्तूबर को प्रस्तावित धर्ममार्च में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की घोषणा की गई। धर्ममार्च काशी के चार स्थानों से निकाली जाएगी। समापन लाठीचार्ज स्थल गोदौलिया पर होगा। यहां गंगा में ही देवी-देवताओं की प्रतिमाओं के विसर्जन की घोषणा की जाएगी।

Posted By: Preeti jha