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'कर्पूर गौरम करुणावतारं... ', सावन में हर दिन घर में 11 बार करें जाप; मिल जाएगी इन परेशानियों में राहत

Published: Wed, 29 Jul 2026 06:30 PM (IST)

30 जुलाई 2026 से कांवड़ यात्रा शुरू हो रही है। अगर आप कांवड़ नहीं ला सकते तो चिंता न करें। ...और पढ़ें

सावन में 'कर्पूर गौरम' वंदना का जाप! (Picture Credit- AI Generated)

सावन में 'कर्पूर गौरम' वंदना का जाप! (Picture Credit- AI Generated)

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। 'कर्पूरगौरं करुणावतारं संसारसारम् भुजगेन्द्रहारम् । सदावसन्तं हृदयारविन्दे भवं भवानीसहितं नमामि॥' 30 जुलाई से सावन का महीना शुरू हो रहा है। भगवान शिव जी को यह माह अत्‍यंत प्रिय है।इस पूरे माह अगर आप शिव जी की इस ऊपर दी गई वंदना का पाठ हर रोज 11 बार कर लें, तो आपके जीवन की सारी परेशानियां कम हो जाएंगी। यजुर्वेद के शिव यजुर्मंत्र में इस इसका वर्णन भी मिलता है।

वैसे तो इसका जाप रोज ही करना चाहिए, मगर सावन के महीने में यह वंदना और भी ज्‍यादा प्रभावशाली हो जाती है। चलिए इसके फायदों के बारे में आपको बताते हैं।

नकारात्मक ऊर्जा का होता है नाश

इस पवित्र वंदना का पाठ करने से घर में या आपके अंदर जो भी नकारात्‍मक ऊर्जा है उसका नाश हो जाता है। हमेशा बोलकर और जोर-जोर से इस वंदना को गाना चाहिए ताकि घर में जो भी बुरी शक्तियां वह नष्‍ट हो जाएं।

मानसिक तनाव होता है कम

आजकल की जीवनशैली में मानसिक तनाव की शिकायत छोटे बच्‍चे से लेकर बड़ों तक को होती है। इस तनाव को कम करने के लिए इस वंदना का पाठ रोज करना बहुत ही फायदेमंद हो सकता है। इससे आपको परेशानियों को हल करने का रास्ता मिल जाता है और आप पहले से ज्यादा खुद को विचारशील महसूस करते हैं।

पूजा को पूर्ण माना जाता है

बहुत लंबी या विधि-विधान के पूजा करने के जो फल होते हैं, वह केवल इस वंदना का पाठ करने से ही आपको मिल जाते हैं। यह वंदना आरती के बाद गाना अच्‍छा रहता है, क्‍योंकि इससे पूजा में हुई भूल चूक माफ हो जाती है।

चुनौतियों से निपटने में आसानी होती है

जब आपका मन शांत होता है और आप ज्‍यादा अच्‍छी तरह से चीजों के बारे सोच सकते हैं, तब चुनौतियों का सामना करना उतना कठिन नहीं लगता है। इसलिए इस वंदना का पाठ हर रोज 11 बार जरूर करना चाहिए। आप पूरे दिन में अलग-अलग समय पर इस वंदना का पाठ कर सकते हैं और चाहें तो एक साथ भी कर सकते हैं।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।