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दाएं या बाएं? शादीशुदा और कुंवारी महिलाएं किस हाथ में बंधवाएं कलावा, दूर कर लें सारा कन्फ्यूजन

Published: Wed, 24 Jun 2026 10:07 AM (IST)

सनातन धर्म में पूजा-पाठ के दौरान कलाई पर कलावा बांधने का विधान है, जिसके नियम शादीशुदा और कुंवारी महिलाओं के लिए अलग-अलग हैं।

कलावा बंधवाते समय न करें ये गलती (Picture Credit- AI Generated)

कलावा बंधवाते समय न करें ये गलती (Picture Credit- AI Generated)

HighLights

  1. कुंवारी कन्याएं दाहिने, शादीशुदा महिलाएं बाएं हाथ में कलावा बांधें

  2. कलावा बांधते समय सिर ढकें और मुट्ठी में कुछ अवश्य रखें

  3. पुराना कलावा मंगलवार या शनिवार को खोलकर पवित्र नदी में प्रवाहित करें

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। सनातन धर्म में पूजा-पाठ या किसी अनुष्ठान के दौरान कलाई पर कलावा बांधने का विधान है। शास्त्रों में कलावा बांधने के नियम के बारे में बताया गया है। कलाई पर कलावा बांधने के लिए शादीशुदा और कुंवारी महिलाओं के लिए नियम अलग-अलग होते हैं।

धार्मिक मान्यता के अनुसार, कलावे को कलाई पर बांधने से व्यक्ति के चारों ओर एक सकारात्मक ऊर्जा का घेरा बन जाता है और जीवन में आने वाले संकटों से बचाव होता है, क्योंकि कलावा के धागों में त्रिदेव और मां सरस्वती, लक्ष्मी और पार्वती का वास माना गया है। ऐसे में आइए इस आर्टिकल में आपको बताते हैं कि कलावा बांधने के नियम के बारे में।

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(Picture Credit- AI Generated)

किस हाथ मे बांधें कलावा?

कलावा कुंवारी कन्याओं को दाहिने हाथ की कलाई पर बंधवाना चाहिए। वहीं, शादीशुदा महिलाओं के लिए बाएं हाथ की कलाई में कलावा बंधवाना शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, कलाई पर कलावा होने से जीवन में शुभ परिणाम देखने को मिलते हैं। इसके अलावा पुरुषों को दाहिने हाथ में कलावा बंधवाना चाहिए।

क्या है कलावा बांधने का सही तरीका

  • कलावा बंधवाने के दौरान सिर पर रुमाल या पल्लू रखना चाहिए। कलावा बंधवाते समय सिर पर रुमाल या पल्लू न होने से कलावा बंधवाना शुभ नहीं माना जाता।
  • कलावा बंधवाने के दौरान मुट्ठी बंद होनी चाहिए और उसमें चावल, पुष्प या दक्षिणा जरूर होनी चाहिए। भूलकर भी खाली हाथ कलावा नहीं बंधवाना चाहिए।
  • कलावा बंधवाते समय पुरोहित के द्वारा मंत्रों का जप किया जाता है।
  • कलाई पर कलावा 3, 5 या 7 बार लपेटना बेहद शुभ माना जाता है।

कलावा उतारने के नियम

  • अगर आपका कलावा पुराना हो गया है, तो तोड़ कर भूलकर भी नहीं उतारना चाहिए। कलावे को खोलकर ही उतारना चाहिए।
  • मंगलवार या शनिवार का दिन कलावा उतारने के लिए शुभ माना जाता है।
  • उतारे गए कलावे को किसी पवित्र नदी में प्रवाहित करना चाहिए। पुराने कलावे को इधर-उधर फेंकने से बचना चाहिए। इसके बाद नया कलावा कलाई पर बंधवाएं।

कलाई पर कलावा होने से क्या होता है?

  • धार्मिक मान्यता के अनुसार, कलाई पर कलावा होने से व्यक्ति नकारात्मक विचारों से दूर रहता है और उसके आस-पास एक सकारात्मक ऊर्जा का घेरा बना रहता है, जिससे सारी बाधाएं दूर रहती हैं।
  • धार्मिक मान्यता के अनुसार, कलाई पर कलावा होने से आत्मविश्वास में वृद्धि होती है और मानसिक शांति प्राप्त होती है।
  • इसके अलावा व्यक्ति पर ब्रह्मा, विष्णु, महेश और माता लक्ष्मी, पार्वती व सरस्वती की कृपा बनी रहती है, जिससे जीवन में कोई संकट नहीं आता।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें।