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बड़ा मंगल 2026: चार या पांच नहीं, इस बार होंगे पूरे 8 बड़े मंगल, 19 साल बाद क्यों बन रहा ये शुभ संयोग?

Published: Sat, 18 Apr 2026 03:00 PM (GMT+05:30)

19 साल बाद ज्येष्ठ मास में बन रहा है 8 बड़े मंगल का दुर्लभ महासंयोग। जानिए इस खास योग का ...और पढ़ें

Jyeshtha Bade Mangal 2026: 19 साल बाद दुर्लभ संयोग। (Ai Generated Image)

Jyeshtha Bade Mangal 2026: 19 साल बाद दुर्लभ संयोग। (Ai Generated Image)

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ का महीना विशेष रूप से संकटमोचन हनुमान जी को समर्पित होता है। इस महीने में पड़ने वाले मंगलवारों को बड़ा मंगल या बुढ़वा मंगल कहा जाता है, लेकिन साल 2026 का ज्येष्ठ महीने बेहद खास होने वाला है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, पूरे 19 साल बाद एक ऐसा दुर्लभ संयोग बन रहा है, जिसमें पूरे 8 बड़े मंगल पड़ेंगे।

यह संयोग भक्तों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है, क्योंकि इतनी लंबी अवधि के बाद हनुमान जी की विशेष उपासना का इतना बड़ा अवसर मिल रहा है।

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क्यों बन रहा है यह दुर्लभ संयोग?

आमतौर पर ज्येष्ठ महीने में 4 या 5 मंगलवार होते हैं, लेकिन इस बार 'अधिक मास' यानी पुरुषोत्तम माह के चलते बुढ़वा मंगल की अवधि बढ़ गई है। जब भी ज्येष्ठ के महीने में अधिक माह का संयोग बनता है, तो मंगलवारों की संख्या बढ़ जाती है। इससे पहले ऐसा अद्भुत संयोग 19 साल पहले देखा गया था। इस महासंयोग में हनुमान जी की पूजा करने से भक्तों को आठ गुना फल प्राप्त होगा और कुंडली के ग्रह दोषों से भी मुक्ति मिलेगी।

बड़े मंगल का धार्मिक महत्व

पौराणिक कथाओं के अनुसार, ज्येष्ठ महीने के मंगलवार को ही हनुमान जी की मुलाकात वनवास के दौरान भगवान राम से हुई थी। एक अन्य मान्यता के अनुसार, इसी समय हनुमान जी ने भीम का घमंड चूर कर उन्हें दर्शन दिए थे। 'बड़ा' शब्द हनुमान जी के विशाल और शक्तिशाली स्वरूप का प्रतीक है। यही वजह है कि इस दौरान बड़े-बड़े भंडारों की अद्भुत परंपराएं निभाई जाती हैं।

पूजा की सही विधि

  • सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करें और लाल या नारंगी रंग के कपड़े पहनें।
  • हनुमान जी की प्रतिमा पर चमेली का तेल और सिंदूर मिलाकर चोला चढ़ाएं। इससे बजरंगबली तुरंत खुश होते हैं।
  • इस दिन हनुमान चालीसा, बजरंग बाण या सुंदरकांड का पाठ करना बेहद फलदायी होता है। 8 बड़े मंगल होने की वजह से आप हर मंगलवार को एक खास पाठ का संकल्प ले सकते हैं।
  • हनुमान जी को बेसन के लड्डू, बूंदी या गुड़ और भुने हुए चने का भोग लगाएं।
  • प्यासे को पानी पिलाना और भूखे को भोजन कराना इस पर्व की सबसे बड़ी पूजा है।

अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।