वक्री से होगे मार्गी

इससे पूर्व 19 मार्च 2018 को देवगुरू बृहस्पति तुला राशि में ही वक्री थे अब 10 तारीख को रात्रि 10.41 मिनट पर वो इसी राशि में मार्गी हो जायेंगे। इस स्थान पर ये 11 अक्टूबर 2018 तक रहेंगे। मान्यता है कि बृहस्पति के मार्गी होने से जो लोग धर्म कार्यों से जुड़े होते हैं उन्हें विशेष लाभ होता है। साथ ही ये अवधि बुद्घिजीवियों, कलाकारों आैर साहित्य से जुड़े लोगों के लिए भी अत्यंत फायदेमंद होती है। बृहस्पति न्यायलय, दार्शिनिक, दर्शनशास्त्र, धर्म, आस्था, ज्योतिष, शिक्षा आैर आॅडीटर जैसे कामों से जुड़े लोगों को लाभ पहुंचाने वाले ग्रह माने जाते हैं  एेसे में इनके राशि परिवर्तन आैर मार्गी होने  से  एेसे लोगों शाही सममान जैसे श्रेष्ठ लाभ मिलने की संभावना बनती है।

विभिन्न  राशियों पर प्रभाव 

बृहस्पति के मार्गी होने से हर राशि पर कोर्इ ना कोर्इ प्रभाव अवश्य होगा।  आइये जाने हर  राशि पर  पड़ने वाले प्रभावों  के  बारे में

मेष: कार्य क्षेत्र आैर व्यापार में सफलता मिलेगी, आर्थिक प्रयासों में सफलता। 

वृष: आकस्मिक व्यवधान, बीमारी आैर चिन्ता। 

मिथुन: श्रम संघर्ष से  सफलता, स्वास्थय बाधा, आर्थिक हानि। 

कर्क: परीक्षा में सफलता, परिवार से बाधा आैर  मित्रों  से तनाव।

सिंह: स्वास्थय उत्तम, मान, पद, धन, एेश्वर्य वृद्घि,  आत्मबल  आैर  मनोबल बढ़ेगा। 

कन्या: दुख, कलह, विवाद, कार्य क्षेत्र में असफलता। 

तुला: कर्तव्यनिष्ठ जीवन शैली से सुख प्रप्त होगा।

वृष्चिक: सहयोगियों से वैमनस्य, अपमान, आैर धन का व्यय।

धनु: आर्थिक पक्ष मजबूत, समाज  में सम्मान आैर पदोन्नति। 

मकर: श्रम संघर्ष, परेशानी, उलझन, चिंता बढ़ेगी, आैर व्यय अधिक होगा।

कुंभ: आयु, आरोग्य, सुख, सफलता आैर संतान से लाभ।

मीन: अशांति, मतिभ्रम, चित्त अस्थिर आैर आथिर्क असंतुलन। 

प्रभाव  आैर उपाय 

इस अवधि  में रेल व  वायु दुर्घटना आैर राजनीतिक परिर्वतन होते  हैं, साथ  जीवन में  कर्इ अनापेक्षित परिर्वतन देखने को मिलते हैं। इस दौरान दुष्प्रभावों को कम करने के लिए गुरुवार का व्रत करें, केले आैर हल्दी के  वृक्ष लगायें, घर के र्इशान कोण में 5 हल्दी की गांठे दबाने से भी लाभ मिलता है। विष्णु जी के मंदिर में ध्वज चढ़ाने आैर पीली वस्तुयें दान करने से लाभ होता है। 

 

By Molly Seth