Janmashtami 2022: आज कृष्ण जन्माष्टमी है। इस अवसर पर देशभर में उत्स्व मनाया जा रहा है। मंदिरों और मठों को भव्य तरीके से सजाया गया है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु निकटतम मंदिर जाकर भगवान की श्रद्धाभाव से पूजा उपासना कर रहे हैं। साथ ही उनके जन्म के समय का इंतजार कर रहे हैं। भगवान श्रीकृष्ण मार्ग प्रशस्तक हैं। उन्होंने हमेशा धर्म पथ पर अग्रसर रहने की प्रेरणा दी है। वर्तमान समय में उनके उपदेश प्रासंगिक हैं। युवाओं को उनके उपदेशों को मानकर जीवन में आगे बढ़ने की कोशिश करनी चाहिए। इससे उन्हें सफलता अवश्य मिलेगी। यह ध्रुव सत्य है। स्वंय भगवान श्रीकृष्ण कहते हैं कि व्यक्ति को फल की चिंता के बिना जीवन में कर्मशील रहना चाहिए। अगर आप भी अपने जीवन में सफल बनना चाहते हैं, तो भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से ये बातें जरूर सीखें। आइए जानते हैं-

-भगवान श्रीकृष्ण को मिश्री और माखन बहुत पसंद है। गीता उपदेश के समय उन्होंने अपने परम शिष्य अर्जुन से कहा है कि पांचों कर्मेन्द्रियों और ज्ञानेन्द्रियों समेत मन को जीतने के लिए सात्विक भोजन करना अनिवार्य है। इससे व्यक्ति दीर्घायु होता है। साथ ही हमेशा स्वस्थ रहता है। यह सीख मिलती है कि सात्विक भोजन से तन और मन दोनों शुद्ध होता है।

-रिश्ते को सर्वोपरि रखना चाहिए। इसका अनुपम उदाहरण महाभारत के युद्ध के समय देखने को मिला। जब भगवान श्रीकृष्ण द्वारा पांडवों का साथ देने के बावजूद दोनों तरफ से एक दूसरे के परिवार जनों के प्रति वैर भावना नहीं पैदा हुई। आपको बता दें कि दुर्योधन की पुत्री लक्ष्मणा संग भगवान श्रीकृष्ण के पुत्र सांब का विवाह हुआ था।

-नारी का सम्मान करना चाहिए। ऐसा कहा जाता है कि जहां नारी का सम्मान होता है। उस स्थान पर देवताओं का वास होता है। भगवान श्रीकृष्ण हमेशा नारी का सम्मान करते थे। एक बार उन्होंने नरकासुर के आतंक से 16100 कन्याओं को मुक्त कराया था।

-जीवन संघर्षों से भरा है। इसके बावजूद जीवन में आगे बढ़ते रहना चाहिए। भगवान का जन्म कारागार में हुआ था। इसके बाद गोकुल में जीवन यापन किया। वहां पर भी उन्हें संघर्षमय जीवन व्यतीत करना पड़ा।

-शांति मार्ग पर अग्रसर रहना चाहिए। महाभारत काल में कौरव और पांडव युद्ध के जरिए समाधान निकालना चाहते थे, लेकिन भगवान श्रीकृष्ण अंत तक शांति के जरिए हल करना चाहा। इसके लिए हमेशा शांति मार्ग पर चलना चाहिए।

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Edited By: Pravin Kumar