सकारात्‍मकता से होगा लाभ

माघ माह की पूर्णिमा को पड़ रहे इस वर्ष के प्रथम पूर्ण चंद्र ग्रहण के विभिन्‍न राशियों की विवेचना करते हुए पंडित दीपक पांडे ने बताया कि मेष व सिंह आदि राशि सहित कुछ राशियों पर इस ग्रहण का प्रभाव नि:संदेह विपरीत होगा परंतु इसका तात्‍पर्य ये नहीं है कि वे भयभीत हो जायें। ईश्‍वर की आराधना और कुछ सरल उपायों से वे इसके नकारात्‍मक प्रभाव का नियंत्रित कर सकते हैं। जैसे भगवान का भजन करें और नाखून काटने भोजन में तुलसी का पत्‍ता डाल कर रखें। 
 
लंबा चलता है प्रभाव 
ग्रहण खत्‍म होने के पश्‍चात भी राशियों पर उसका प्रभाव लंबे समय तक बना रहता है। यानि अगर ग्रहण समाप्‍त हो चुका है तो ये ना समझें कि उसका असर भी खतम हो गया है। एक ग्रहण का प्रभाव दूसरा ग्रहण आने तक थोड़ी या अधिक मात्रा में कायम रहता   
राशि अनुसार प्रभाव 
आइये जाने किस राशि पर कैसा होगा प्रभाव 
मेष: इस राशि वालों को रोग की आशंका और मानसिक अशांति के कारण कष्‍ट रहेगा। 
वृष: इस राशि वालों के लिए ये ग्रहण अनुकूल फलप्रद है। 
मिथुन: इस राशि वालों के लिए हालाकि चंद्रग्रहण शुभ नहीं है जिससे आर्थिक हानि िहोने की संभावना है परंतु काफी समय से रुके आय के साधन खुलने की पूरी संभावना है। 
कर्क: इस राशि वालों को शारीरिक कष्‍ट, दुर्घटना का योग, अहित की संभावना है अत: सावधानी बरतें।  
सिंह: सबसे ज्‍यादा कघ्‍ट इसी राशि वालों को होने संभावना है अत: भगवान का ध्‍यान करें और सकारात्‍मक रहें। व्‍यय में वृद्धि और आर्थिक हानि तो होगी ही स्‍वास्‍थ्‍य पर भी बुरा असर पड़ेगा और भी कई तरह के नुकसान हो सकते हैं। 
कन्‍या: इस राशि वालों के लिए ये ग्रहण अत्‍यंत शुभ फलदायक है। आपको धन लाभ होगा, साथ ही उन्‍नति की भी संभावना है और मान सम्‍मान में भी वृद्धि होगी। 
तुला: आपके लिए भी ग्रहण अच्‍छा फल लायेगा सुख समृद्धि के साथ धन भी प्राप्‍त होगा। 
वृश्‍चिक: इनके लिए भी ये काल अच्‍छा नहीं है, अपमान, चिंता, अपयश और मानसिक कष्‍ट के साथ दुर्घटना का भी भय है।  
धनु: रोग, दुर्घटना, मानसिक समस्‍या, परेशानी और विरोधियों की सक्रीयता से जूझना पड़ेगा। 
मकर: वैवाहिक सुख में कमी, तनाव और जीवनसाथी से कष्‍ट की स्‍थिति उत्‍पन्‍न हो सकती है। 
कुंभ: कार्य में सफलता मिलेगी, सुख प्राप्‍त होगा, शत्रु परास्‍त होंगे जबकि मित्रता में प्रगाढ़ता आने के साथ नये मित्र भी बनेंगे। 
मीन: इनके लिए इस चंद्र ग्रहण का प्रभाव मिला जुला रहेगा। जहां एक ओर शारीरिक, मानसिक पीड़ा से चिंता रहेगी वहीं व्‍यापार में वृद्धि से धन लाभ भी होने की संभावना है। 
 

Posted By: Molly Seth