नव संवत्सर का आरंभ 

6 अप्रैल से परिधावी नव संवत्सर 2076 का आरंभ हो चुका है। इस संवत्सर के राजा शनि और मंत्री उनके पिता सूर्य देव हैं। अंग्रेजी कैलेंडर की ही तरह हिन्दू कैलेंडर में भी 12 महीने होते हैं लेकिन उस की तरह सात दिन के सप्ताह में नहीं बल्कि 15 दिनों के पखवाड़ों मे बंटे होते हैं और पूर्णिमा एवम् अमावस्या से आरंभ होते हैं। पंडित दीपक पांडे से जानें नव संवत्सर में आपकी राशि का हाल कैसा रहेगा।

राशियों का हाल

मेष राशि: आपकी राशि के लिए ये संवत्सर नुकसानदायक नहीं रहेगा, परंतु विशेष लाभदायी भी साबित नहीं होगा। व्यापार के क्षेत्र में हिसाब किताब को लेकर मन अशांत रहेगा। कार्य पूरे तो होंगे पर उनमे रुकावट और बाधायें आ सकती हैं। सहकर्मियों से मतभेद हो सकते हैं। अध्यात्मिक पक्ष मजबूत होगा पर असमंजस पूर्ण स्थितियों का सामना करना पड़ेगा।  

वृष राशि: चंद्रमा आपके विपरीत है और पानी से खतरा है पर घबरायें नहीं। मानसिक उलझनों के बावजूद पारिवारिक माहौल खुशनुमा रहेगा। जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा।  

मिथुन राशि: घर और बाहर संघर्षपूर्ण माहौल रहेगा, सम्पूर्ण वर्ष मानसिक तनाव और दौड़ धूप भरा रहने की भी संभावना है। एकांत में समय बितायेंगे। महत्वपूर्ण काम अपने विश्वस्त साथियों को सौंप कर निश्चिंत रह सकते हैं।  

कर्क राशि: इस वर्ष आपके गुण यानि योग्यता ही आपके काम आयेगी, जिनके सहारे आप आगे बढ़ सकेंगे। जमीन, जायदाद आदि का लाभ हो सकता है। आने वाले समय में कठिन प्रतियोगितायें सामने आ रही हैं , जिनसे अनुभव के सहारे ही बाहर निकल सकेंगे। 

सिंह राशि: व्यावसायिक दृष्टि से सफल रहेंगे। नए लक्ष्यों और चुनौतियों के लिए तैयार रहें। बिना सोचे विचारे कोई काम ना करें। किस्मत आप पर मेहरबान रहेगी और धन लाभ होगा। निजी संबंध सुखद रहेंगे।

कन्या राशि: मन में गहरी बात ना छुपायें और मौके पर मिले अवसर को लपक लें। आप में प्रतिभा है और सामान्य और खास दोनों कार्यों को कुशलता से करेंगे। जमीन जायदाद का लाभ होगा। 

तुला राशि: शुरूआत में ही सबसे आशायें ना पालें। काम की आरंभ में शंकायें रहेंगी और सही गलत में कन्फ्यूजन रहेगा, पर अंत में आप सही साबित होंगे। महिलाओं को इस वर्ष मायके से शुभ समाचार मिलने की संभावना है। 

वृश्चिक राशि: नौकरी पेशा लोगों को उच्च अधिकारियों से उपेक्षा और धन एवम् प्रतिष्ठा से जुड़े मामलों में संघर्ष करना पड़ सकता है। आपका अपने अधीनस्थ कर्मचारियों से मतभेद हो सकता है। जबकि आपकी राशि में प्रियजनों से आर्थिक मदद की संभावना नजर आ रही है। 

धनु राशि: कोई भी काम विशेष सूझबूझ से करें क्योंकि अनुभवी व्यक्ति की राय के बाद भी व्यापार में घाटा हो सकता है। इससे उबरने में ससुराल पक्ष से आर्थिक मदद लेने से फायदा होगा। संघर्ष के दौर में भरोसे के मित्र से सहायता लें। धर्म में रुचि बढ़ेगी। 

मकर राशि: ज्ञान में वृध्दि होगी, बौधिक चिंतन बढ़ेगा पर साथ ही पारिवारिक मतभेद भी बढ़ने की आशंका है। व्यापार में तरक्की होगी। जमीन और वाहन आदि खरीदने के योग बन रहे हैं। मांगलिक आयोजन से लाभ होगा। कुछ महत्वपूर्ण कार्य स्थगित हो सकते हैं पर फायदे की स्थितियां बनी रहेंगी।  

कुंभ राशि: आपका मन विपरीत लिंग के व्यक्ति की ओर आकर्षित हो सकता है। इस वर्ष आमोद प्रमोद में दिन बीतेंगे।  

मीन राशि: व्यापार में हानि का भय, संतान से संबंधित महत्वपूर्ण समस्या का सामना करना पड़ सकता है। कानूनी मामलों में फैसला विलंब से आयेगा। शैक्षिक और आर्थिक लाभ की संभावना, अचल संपत्ति भी खरीद सकते हैं। 

ये हैं हिंदू कैलेंडर के 12 महीने

चैत्र: हिन्दू कैलेंडर का ये पहला महीना है, जो अंग्रेजी कैलेंडर के मार्च-अप्रैल महीने में आता है। 

बैसाख: हिन्दू कैलेंडर का ये दूसरा महीना है। अंग्रेजी कैलेंडर के अप्रैल-मई महीने में आता है।  

जयेष्‍ठ: हिन्दू कैलेंडर का ये तीसरा महीना है। यह मई-जून के आस पास आता है।

आषाढ़: यह ह‍िंदू कैलेंडर का चौथा महीना है। जो अंग्रेजी कैलेंडर के जून-जुलाई महीने में आता है

श्रावण: श्रावण हिन्दू कैलेंडर के पांचवा व सबसे पवित्र महीना माना जाता है। ये अंग्रेजी कैलेंडर के जुलाई-अगस्त महीने में आता है। 

भाद्रपद: भाद्रपद हिन्दू कैलेंडर का छठवां महीना है,और अगस्त-सितम्बर महीने में आता है।

अश्विन: यह ह‍िंदू कैलेंडर का सातवां महीना होता है। ये अंग्रेजी कैलेंडर के सितम्बर-अक्टूबर महीने में आता है। 

कार्तिक: हिन्दू कैलेंडर का आठवां महीना कार्ति‍क का होता है। ये अक्टूबर-नवम्बर महीने में आता है। 

अगहन: नवां महीना होता है, औऱ ये अंग्रेजी कैलेंडर के नवम्बर –दिसम्बर महीने में आता है। 

पौष: हिन्दू कैलेंडर का दसवां महीना पौष है। ये दिसम्बर-जनवरी के समय आता है। 

माघ: हिन्दू कैलेंडर का ग्‍यारहवां महीना माघ होता है। ये जनवरी-फरवरी महीने में आता है। 

फाल्गुन: हिन्दू कैलेंडर का बारहवां व आख‍िरी महीना फाल्गुन का होता है। ये अंग्रेजी कैलेंडर के फरवरी- मार्च महीने में आता है। 

पुरषोत्तम माह: इसके अतिरिक्त एक पुरषोत्तम माह होता है जिसे अध‍िक माह भी कहते हैं। ये हिन्दू कैलेंडर में अतिरिक्त महिना होता है। 

Posted By: Molly Seth

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