हिंदू धर्म की वो देवियां जिनके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं; वेदों-पुराणों में दर्ज इन देवियों का रहस्यमयी इतिहास
हिंदू धर्म की कुछ ऐसी देवियां हैं, जिनके बारे में आम लोगों को कम जानकारी है। इसमें अलक्ष्मी, आरण्यनी देवी, ...और पढ़ें

हिंदू धर्म की 4 रहस्यमयी देवियां (Picture Credit- AI Generated)

समय कम है?
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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में जब कभी भी देवियों का जिक्र किया जाता है, तो प्रमुख तौर पर माता लक्ष्मी, मां पार्वती और मां सरस्वती का नाम लिया जाता है।
लेकिन इनके अलावा भी कुछ ऐसी देवियां और दिव्य शक्तियां हैं जिनका उल्लेख वेदों और पुराणों में तो मिलता है, लेकिन आम लोगों को इन देवियों के बारे में बहुत कम या फिर न के बराबर पता है। आइए जानते हैं उन देवियों के बारे में जिनका संबंध हिंदू धर्म से जुड़ा है।

अलक्ष्मी
मां लक्ष्मी की बड़ी बहन का नाम है अलक्ष्मी जो मां लक्ष्मी के बिल्कुल विपरीत है। हिंदू धर्म में उन्हें दुर्भाग्य की देवी माना जाता है। माना जाता है कि, जब अलक्ष्मी किसी के घर में वास करती है, तो उनके जीवन में धन, समृद्धि और बुद्धि सब कुछ क्षीण होने लगती है।
अलक्ष्मी का जन्म समुद्र मंथन के दौरान हुआ था। हिंदू धर्म में उन्हें उल्लू के रूप में भी दर्शाया जाता है, जो हमेशा मां लक्ष्मी के साथ रहती हैं। उल्लू पक्षी को मूर्खता, अहंकार और घमंड का प्रतीक माना जाता है।

आरण्यनी देवी
आरण्यनी देवी को हिंदू धर्म में जंगल और उसमें रहने वाले जानवरों की देवी है। उन्हें सभी जानवरों की माता कहा जाता है। उनके नाम की उत्पत्ति संस्कृत के अरण्य शब्द से हुई है, जिसका मतलब वन होता है।
भारत के कुछ हिस्सों में उन्हें जीवन और उर्वरता के प्रतीक के रूप में पूजा जाता है। आरण्यवी देवी को मायावी माना जाता है, जो गहरे और शांत जंगलों में रहना पसंद करती हैं।

मनसा देवी
हिंदू धर्म में मनसा देवी को शक्ति का स्वरूप माना जाता है। पौराणिक कथाओं में उन्हें सापों की देवी कहा जाता है।
कहा जाता है कि, मनसा देवी का जन्म तब हुआ था, जब शिव जी का वीर्य कद्रु जिन्हें सांपों की मां कहा जाता है, कि मूर्ति को स्पर्श कर गया था। इसलिए उनको शिव की पुत्री के रूप में भी पूजा जाता है।

सरमा देवी
हिंदू धर्म ग्रंथ आपस्तम्भ श्रौत सूत्र जैसे ब्राह्मण ग्रंथों में पहली मादा कुतिया बताया जाता है। ऋग्वेद जैसे धार्मिक ग्रथों में उन्हें आर्यों की बेहद शक्तिशाली योद्धा देवता इंद्र की सेवा करती हैं।
सरमा को इंद्र ने अपनी गाय खोजने के लिए भेजा, जिसे पाणि नाम के लोगों ने चुरा लिया था। हिंदू पुराणों में सरमा देवी को पंजे वाले समस्त प्राणियों की माता कहा जाता है।
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