नई दिल्ली, जेएनएन। Happy Ramadan 2019 wishes & Images: इस्‍लाम धर्म के लोगों के लिए रमजान बेहद मुकद्दस महीना है। इस महीने की शुरुआत आज यानी 5 मई से हो सकती है। हालांकि, शाम को चांद दिखने के बाद ही इसकी शुरुआत मानी जाएगी। इसलिए यह तारीख बदल भी सकती है। मुस्लिम समाज के लोग पूरे महीने रोजा रखकर बुरी आदतों को छोड़ते हैं और अच्‍छाई के रास्‍ते पर चलते हैं। इस मौके पर हर कोई एक-दूसरे को मुबारकबाद देता है। तो अपने प्रियजनों और मित्रों को इस दिन इन मैसेज और फेसबुक स्टेट्स से दें बधाई।

1: गुल ने गुलशन से गुलफाम भेजा है
सितारों ने आसमान से सलाम भेजा है
मुबारक हो आपको रमाजान का महीना
ये पैगाम हमने सिर्फ आपको भेजा है
रमजान मुबारक

2: बे-जुबान को जब वो जुबान देता है
परहें को फिर वो कुरान देता है
बक्शने पर आए जब उम्मत के गुनाहोंं को
तोहफे में गुनहगारों को रमज़ान देता है
रमज़ान मुबारक

3: चांद सूरज और तारे
कहने आए हैं तुमको सारे
रमज़ान में रोजे की मांगो दुआ
और समझो हर सपना पूरा हुआ
रमज़ान मुबारक

4: मुबारक हो आपको खुदा की दी यह जिंदगी
खुशियों से भरी रहे आपको यह जिंदगी
गम का साया कभी आप पर न आए
दुआ है यह हमारी आप सदा यूं ही मुस्कुराएं
रमजान मुबारक

Happy Ramadan 2019 wishes & Images: प्रियजनों और दोस्तों को ऐसे दें रमज़ान की बधाई

5: ये सुबह जितनी खूबसूरत है उतना ही खूबसूरत आपका हर एक पल हो
जितनी भी खुशियां आपके पास आज हैं उससे भी ज्यादा वो आपके पास कल हों
रमज़ान मुबारक

6: चांद से रोशन हो रमजान तुम्हारा
इबादत से भरा हो रोज़ा तुम्हारा
हर रोज़ा और नमाज़ कबूल हो तुम्हारी
यही अल्लाह से है दुआ हमारी

7: I hope this holiday will lead us to the right pathway
to the path of success, happiness, peace and prosperity
May Allah bless your good heart

Ramadan 2019 Date & Time: इस दिन से शुरू होगा रमजान का महीना, यह होगा सहरी और इफ्तार का समय


हर मुसलमान पर फर्ज है रोजा और नमाज
इस्‍लामिक कैलेंडर के मुताबिक रमजान नौवां महीना है। इस्‍लामिक विद्वानों के मुताबिक रमजान में अन्‍य दिनों की अपेक्षा 70 गुना ज्‍यादा सबाब मिलता है। रमजान के दौरान जन्‍नत के दरवाजे खोल दिए जाते हैं। जानकारों के मुताबिक इस बार रमजान की शुरूआत 4 मई से हो रही है। यह तिथि चांद के दीदार पर निर्भर करती है। इसलिए यह तिथि बदल भी सकती है। रमजान माह में हर मोमिन पर रोजा रखना, पांच वक्‍त की नमाज अदा करना, खैरात और जकात देना फर्ज होता है। इस दौरान किसी तरह के गलत कामों पर पूरी तरह से पाबंदी होती है। विद्वान मानते हैं कि इस दौरान सभी बुरी आदतों को छोड़ना होता है और दीन के रास्‍ते पर चलना होता है।  

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Posted By: Rizwan Mohammad