विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

Gangaur 2026: गणगौर पूजा के दौरान करें श्री हरि के इन नामों का जप, खुश हो जाएंगी माता लक्ष्मी

Published: Fri, 20 Mar 2026 04:51 PM (IST)

21 मार्च 2026 को मनाए जाने वाले गणगौर पर्व (Gangaur 2026) पर, शिव-पार्वती के साथ श्री हरि विष्णु की आराधना भी महत्वपूर्ण मानी गई है।

Gangaur 2026: गणगौर पूजा में करें ये काम।

Gangaur 2026: गणगौर पूजा में करें ये काम।

HighLights

  1. 21 मार्च को गणगौर का पावन पर्व मनाया जाएगा

  2. यह हर साल चैत्र महीने की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है

  3. इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा होती है

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। 21 मार्च 2026 को गणगौर का पावन पर्व मनाया जाएगा। यह हर साल चैत्र महीने की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को आता है। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा होती है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस दिन श्री हरि विष्णु की आराधना करना भी आपके जीवन में खुशियों के द्वार खोल सकता है? शास्त्रों में बताया गया है कि जहां भगवान विष्णु का वास होता है, माता लक्ष्मी वहां स्वयं चली आती हैं।

ऐसे में गणगौर पूजा के शुभ अवसर (Gangaur 2026) पर अगर आप शिव-पार्वती के साथ-साथ श्री हरि के 108 नामों का जप करते हैं, तो आपके वैवाहिक जीवन में मधुरता के साथ-साथ घर में सुख-समृद्धि और धन-धान्य की कभी कमी नहीं रहेगी, तो आइए पढ़ते हैं -

Mahashivratri 2026 upay 1

।।श्री हरि विष्णु के 108 नाम।।

1) ऊँ श्री विष्णवे नम:

2) ऊँ श्री परमात्मने नम:

3) ऊँ श्री विराट पुरुषाय नम:

4) ऊँ श्री क्षेत्र क्षेत्राज्ञाय नम:

5) ऊँ श्री केशवाय नम:

6) ऊँ श्री पुरुषोत्तमाय नम:

7) ऊँ श्री ईश्वराय नम:

8) ऊँ श्री हृषीकेशाय नम:

9) ऊँ श्री पद्मनाभाय नम:

10) ऊँ श्री विश्वकर्मणे नम:

11) ऊँ श्री कृष्णाय नम:

12) ऊँ श्री प्रजापतये नम:

13) ऊँ श्री हिरण्यगर्भाय नम:

14) ऊँ श्री सुरेशाय नम:

15) ऊँ श्री सर्वदर्शनाय नम:

16) ऊँ श्री सर्वेश्वराय नम:

17) ऊँ श्री अच्युताय नम:

18) ऊँ श्री वासुदेवाय नम:

19) ऊँ श्री पुण्डरीक्षाय नम:

20) ऊँ श्री नर-नारायणा नम:

21) ऊँ श्री जनार्दनाय नम:

22) ऊँ श्री लोकाध्यक्षाय नम:

23) ऊँ श्री चतुर्भुजाय नम:

24) ऊँ श्री धर्माध्यक्षाय नम:

25) ऊँ श्री उपेन्द्राय नम:

26) ऊँ श्री माधवाय नम:

27) ऊँ श्री महाबलाय नम:

28) ऊँ श्री गोविन्दाय नम:

29) ऊँ श्री प्रजापतये नम:

30) ऊँ श्री विश्वातमने नम:

31) ऊँ श्री सहस्त्राक्षाय नम:

32) ऊँ श्री नारायणाय नम:

33) ऊँ श्री सिद्ध संकल्पयाय नम:

34) ऊँ श्री महेन्द्राय नम:

35) ऊँ श्री वामनाय नम:

36) ऊँ श्री अनन्तजिते नम:

37) ऊँ श्री महीधराय नम:

38) ऊँ श्री गरुडध्वजाय नम:

39) ऊँ श्री लक्ष्मीपतये नम:

40) ऊँ श्री दामोदराय नम:

41) ऊँ श्री कमलापतये नम:

42) ऊँ श्री परमेश्वराय नम:

43) ऊँ श्री धनेश्वराय नम:

44) ऊँ श्री मुकुन्दाय नम:

45) ऊँ श्री आनन्दाय नम:

46) ऊँ श्री सत्यधर्माय नम:

47) ऊँ श्री उपेन्द्राय नम:

48) ऊँ श्री चक्रगदाधराय नम:

49) ऊँ श्री भगवते नम

50) ऊँ श्री शान्तिदाय नम:

51) ऊँ श्री गोपतये नम:

52) ऊँ श्री श्रीपतये नम:

53) ऊँ श्री श्रीहरये नम:

54) ऊँ श्री श्रीरघुनाथाय नम:

55) ऊँ श्री कपिलेश्वराय नम:

56) ऊँ श्री वाराहय नम:

57) ऊँ श्री नरसिंहाय नम:

58) ऊँ श्री रामाय नम:

59) ऊँ श्री हयग्रीवाय नम:

60) ऊँ श्री शोकनाशनाय नम:

61) ऊँ श्री विशुद्धात्मने नम :

62) ऊँ श्री केश्वाय नम:

63) ऊँ श्री धनंजाय नम:

64) ऊँ श्री ब्राह्मणप्रियाय नम:

65) ऊँ श्री श्री यदुश्रेष्ठाय नम:

66) ऊँ श्री लोकनाथाय नम:

67) ऊँ श्री भक्तवत्सलाय नम:

68) ऊँ श्री चतुर्मूर्तये नम:

69) ऊँ श्री एकपदे नम:

70) ऊँ श्री सुलोचनाय नम:

71) ऊँ श्री सर्वतोमुखाय नम:

72) ऊँ श्री सप्तवाहनाय नम:

73) ऊँ श्री वंशवर्धनाय नम:

74) ऊँ श्री योगिनेय नम:

75) ऊँ श्री धनुर्धराय नम:

76) ऊँ श्री प्रीतिवर्धनाय नम:

77) ऊँ श्री प्रीतिवर्धनाय नम

78) ऊँ श्री अक्रूराय नम:

79) ऊँ श्री दु:स्वपननाशनाय नम:

80) ऊँ श्री भूभवे नम:

81) ऊँ श्री प्राणदाय नम:

82) ऊँ श्री देवकी नन्दनाय नम:

83) ऊँ श्री शंख भृते नम:

84) ऊँ श्री सुरेशाय नम:

85) ऊँ श्री कमलनयनाय नम:

86) ऊँ श्री जगतगुरूवे नम:

87) ऊँ श्री सनातन नम:

88) ऊँ श्री सच्चिदानन्दाय नम:

89) ऊँ श्री द्वारकानाथाय नम:

90) ऊँ श्री दानवेन्द्र विनाशकाय नम:

91) ऊँ श्री दयानिधि नम:

92) ऊँ श्री एकातम्ने नम:

93) ऊँ श्री शत्रुजिते नम:

94) ऊँ श्री घनश्यामाय नम:

95) ऊँ श्री लोकाध्यक्षाय नम:

96) ऊँ श्री जरा-मरण-वर्जिताय नम:

97) ऊँ श्री सर्वयज्ञफलप्रदाय नम:

98) ऊँ श्री विराटपुरुषाय नम:

99) ऊँ श्री यशोदानन्दनयाय नम:

100) ऊँ श्री परमधार्मिकाय नम:

101) ऊँ श्री गरुडध्वजाय नम:

102) ऊँ श्री प्रभवे नम:

103) ऊँ श्री लक्ष्मीकान्ताजाय नम:

104) ऊँ श्री गगनसदृश्यमाय नम:

105) ऊँ श्री वामनाय नम:

106) ऊँ श्री हंसाय नम:

107) ऊँ श्री वयासाय नम:

108) ऊँ श्री प्रकटाय नम।

यह भी पढ़ें- Gangaur 2026: गणगौर पूजा में बस एक बार कर लें इस स्तोत्र का पाठ, वैवाहिक जीवन में कभी नहीं आएगी कड़वाहट

यह भी पढ़ें- Gangaur 2026: गणगौर पूजा के दिन करें शिव जी के इन मंत्रों का जप, जीवन में आएगी खुशहाली

अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।