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दान करते समय न करें ये 7 गलतियां, वरना पुण्य के बजाय मिलेगा पाप का फल

Published: Sun, 13 Sep 2026 06:54 PM (IST)

हिंदू धर्म में दान को पुण्य कर्म माना गया है, लेकिन कुछ गलतियों से यह पाप में बदल सकता है। ...और पढ़ें

दान करते समय इन 7 गलतियों से बचें, मिलेगा सच्चा पुण्य (Picture Credit: AI Generated)

दान करते समय इन 7 गलतियों से बचें, मिलेगा सच्चा पुण्य (Picture Credit: AI Generated)

HighLights

  1. जरूरतमंद को ही दान दें, गलत इरादे से बचें।

  2. कटी-फटी या बासी चीजों का दान कभी न करें।

  3. उधार लेकर दान न करें, घमंड से भी बचें।

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में दान को एक ऐसा कर्म बताया गया है जिसका पुण्य व्यक्ति को कई जन्मों तक प्रभावित करता है। लोग पुण्य की कामना में ही जरूरतमंदों को समय-समय पर दान करते हैं और ईश्वर का आशीर्वाद पाने की इच्छा रखते हैं।

दान करने से जीवन की कई समस्याओं से बाहर निकलने में मदद मिलती है और इसके पुण्य फलों से व्यक्ति का स्वास्थ्य भी अच्छा होता है। यही नहीं नौ ग्रहों को अपने अनुकूल बनाए रखने के लिए भी दान करने की सलाह दी जाती है।

लोग अक्सर दान करते समय ऐसी कुछ गलतियां कर बैठते हैं जिससे उन्हें पुण्य फलों की प्राप्ति होने के बाजय पाप भी लग सकता है। आइए आपको बताते हैं कि अगर आप पुण्य कमाने के लिए दान करना चाहते हैं, तो आपको किन नियमों का पालन करना चाहिए।

दान किसे करना चाहिए?

आपको हमेशा इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि आप जिसे भी दान दे रहे हैं वो आपके पैसों का दुरूपयोग न करे। ध्यान रखें कि अगर आप किसी को दान में कुछ धन दे रहे हैं और उसी धन से व्यक्ति मांस या मदिरा का पान कर ले. तो आपका दान पुण्य की जगह पाप दे सकता है।

आपको इस बात का विशेष ध्यान देने की जरूरत है कि आप हमेशा जरूरतमंद को ही दान करें। यदि आपको दान लेने वाले पर विश्वास न हो, तो उसे दान न करें।

गलत इरादे से न करें दान

आपको कभी भी दान किसी गलत मनसा से नहीं करना चाहिए और आपको दिखावे के लिए भी कभी दान नहीं करना चाहिए। यदि आप सिर्फ दिखावे के लिए दान करते हैं, तो यह आपको आध्यात्मिक पुण्य नहीं देता है, बल्कि पाप लग सकता है।

गलत चीजों का दान न करें

अगर आप किसी जरूरतमंद को दान में कोई भी चीज दे रहे हैं, तो इस बात का ध्यान रखना जरूरी है कि वो कटी-फटी न हो। जैसे कई लोग पुराने कपड़ों या जूतों को किसी जरूरतमंद को देते हैं और उसे ही दान समझ लेते हैं।

यही नहीं अगर आप बासी भोजन या खराब अनाज का दान करते हैं, तो आपको इसका भी पुण्य नहीं मिलता है। आपको ऐसी चीजों का दान करने से बचना चाहिए जिसका आप स्वयं इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं।

दान का पछतावा न हो

आप दान में जितनी भी चीजें या धन दें बाद में आपको उसका पछतावा नहीं होना चाहिए। यदि आप दान में कोई भी चीज देने के बाद उसका पछतावा करते हैं तो दान का पुण्य समाप्त हो जाता है। दान करने के बाद आप उसकी कीमत के बारे में सोचकर शिकायत न करें। दान हमेशा खुशी देने वाला होना चाहिए, न कि मानसिक तनाव वाला हो।

गलत तरीके से न करें दान

कई लोग दान के समय इस बात का ध्यान नहीं रखते हैं कि दान हमेशा दाहिने हाथ से ही देना चाहिए। बाएं हाथ से किया गया दान स्वीकार्य नहीं होता है।

इसके साथ ही आपको कभी भी सूर्यास्त के बाद दान नहीं करना चाहिए। ऐसे पैसे से भी दान न करें जिसे किसी गलत तरीके से अर्जित किया गया हो।

उधार लेकर न करें दान

अगर आप किसी दूसरे से उधार लेकर दान करते हैं तो दान का पुण्य नहीं मिलता है और आपको उसका लाभ मिलने के बजाय पाप लग सकता है। उधार के पैसों से किया गया दान कभी भी स्वीकार्य नहीं माना जाता है।

दान का घमंड न करें

अगर आप किसी को कोई भी चीज दान में देने के बाद उसका घमंड करते हैं या दान का बखान करते हैं, तो ऐसा दान व्यर्थ हो जाता है। इसका आपको कोई भी फल नहीं मिलता है। सच्चा दान निस्वार्थ भाव से दिया जाता है और इसमें किसी तरफ का दिखावा नहीं होता है।

अगर आप भी किसी को दान करते समय यहां बताई कोई भी गलती करते हैं, तो आपको अपने दान का पुण्य नहीं मिलता है। यही नहीं ऐसा कोई भी दान ईश्वर को भी स्वीकार्य नहीं माना जाता है।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।