शिव पार्वती के पुत्र 

भगवान गणेश विघ्नहर्ता माने जाते हैं। किसी भी कार्य के करने से पहले सर्वप्रथम भगवान गणेश का पूजन किया जाता है। गणपति की महिमा को सभी जानते हैं और यह भी जानते हैं कि वे माता पार्वती और भगवान शिव के पुत्र हैं। लेकिन बहुत कम लोग हैं जो इससे आगे गणेश के परिवार के बारे में जानते हैं, उनकी पत्नी और बच्चों के बारे में जानते हैं। तो चलिए आज जाने श्री गणेश की पत्नियों और बच्चों के बारे में, और इस बुधवार को इनके परिवार सहित गणपति की पूजाकरके  कृपा कृपा प्राप्‍त करें।
 
श्री गणेश की पत्नियां और पुत्र
किसी भी मांगलिक कार्य में, घरों के द्वार पर, पूजाघर में, धार्मिक तस्वीरों, पोस्टरों आदि में अक्सर आपने शुभ और लाभ लिखा देखा होगा। दरअसल इन्हें ही भगवान गणेश की संतान माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार शुभ और क्षेम भगवान गणेश की संताने हैं जिन्हें शुभ-लाभ भी कहा जाता है। वहीं ऋद्धि और सिद्धी उनकी पत्नियां कही गई हैं। ब्रह्मा ने दो कन्याओं ऋद्धि और सिद्धी का सृजन किया और भगवान गणेश से उनका विवाह करवाया। ये दोनों ब्रह्मा जी के योग में लीन होने से अवतरित हुई थीं, इसीलिए इन्हें ब्रह्मा जी की मानस पुत्री भी कहा गया।  
गणेश परिवार की पूजा
भगवान गणेश जहां विघ्नहर्ता हैं वहीं ऋद्धि और सिद्धि से विवेक और समृद्धि मिलती है। शुभ और लाभ घर में सुख सौभाग्य लाते हैं और समृद्धि को स्थायी और सुरक्षित बनाते हैं। सुख सौभाग्य की चाहत पूरी करने के लिये बुधवार को गणेश जी के पूजन के साथ ऋद्धि-सिद्धि व लाभ-क्षेम की पूजा भी विशेष मंत्रोच्चरण से करना शुभ माना जाता है। इस तरह अपने परिवार सहित पूजे जाने पर श्री गणेश वास्‍तव में विघ्‍नहर्ता बन जाते हैं। 
 

Posted By: Molly Seth