Move to Jagran APP

Purnima Upay: शीघ्र विवाह के लिए ज्येष्ठ पूर्णिमा पर करें ये उपाय, मिलेगा मनचाहा जीवनसाथी

Purnima Upay तुलसी माता की पूजा करने से जगत के पालनहार भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं। उनकी कृपा से साधक के सारे बिगड़े काम बन जाते हैं। अतः ज्येष्ठ पूर्णिमा पर स्नान-ध्यान के बाद तुलसी माता की विधिवत पूजा करें और शाम में दीपक जलाकर आरती करें।

By Pravin KumarEdited By: Pravin KumarPublished: Sat, 03 Jun 2023 05:04 PM (IST)Updated: Sun, 04 Jun 2023 12:14 PM (IST)
Purnima Upay: शीघ्र विवाह के लिए ज्येष्ठ पूर्णिमा पर करें ये उपाय, मिलेगा मनचाहा जीवनसाथी
Purnima Upay: शीघ्र विवाह के लिए ज्येष्ठ पूर्णिमा पर करें ये उपाय, मिलेगा मनचाहा जीवनसाथी

नई दिल्ली, आध्यात्म डेस्क | Purnima Upay: सनातन धर्म में पूर्णिमा तिथि को शुभ माना जाता है। इस दिन जगत के पालनहार और माता लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजा-उपासना की जाती है। साथ ही पूर्णिमा तिथि पर दान करने का भी विधान है। पूर्णिमा तिथि पर शीघ्र शादी के लिए विशेष उपाय भी किए जाते हैं। इन उपायों को करने से अविवाहितों की शादी के योग बनने लगते हैं। साथ ही मनचाहा जीवनसाथी मिलता है। ज्योतिषियों की मानें तो गुरु और शुक्र विवाह के कारक होते हैं। कुंडली में गुरु और शुक्र मजबूत होने पर जातक की शीघ्र शादी हो जाती है। अगर आपकी शादी में भी अड़चनें आ रही हैं, तो ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन ये उपाय जरूर करें। आइए जानते हैं-

loksabha election banner

ज्येष्ठ पूर्णिमा पर करें ये उपाय

- अगर आप शीघ्र शादी करना चाहते हैं, तो ज्येष्ठ पूर्णिमा पर पीपल पेड़ में जल का अर्घ्य दें। वहीं, शाम में दीपक जलाकर आरती करें। इस समय शीघ्र विवाह की कामना करें। इस उपाय को लगातार 11 शनिवार तक करें। ऐसा करने से शीघ्र विवाह के योग बनते हैं।

- तुलसी माता की पूजा करने से जगत के पालनहार भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं। उनकी कृपा से साधक के सारे बिगड़े काम बन जाते हैं। अतः ज्येष्ठ पूर्णिमा पर स्नान-ध्यान के बाद तुलसी माता की विधिवत पूजा करें और शाम में दीपक जलाकर आरती करें। इस उपाय को करने से शीघ्र शादी के योग बनते हैं।

- ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन अविवाहित लड़कियां वट वृक्ष की पूजा करें। साथ ही वट वृक्ष की 108 बार परिक्रमा कर शीघ्र शादी की कामना करें। इस उपाय को गुरुवार के दिन भी कर सकती हैं।

-ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन स्नान-ध्यान करने के बाद विधि विधान से मां लक्ष्मी की पूजा करें। इस दौरान मां लक्ष्मी को गुड़हल का फल अर्पित करें। धार्मिक मान्यता है कि मां लक्ष्मी को गुड़हल फूल अर्पित करने से साधक की सभी मनोकामनाएं यथाशीघ्र पूर्ण होती हैं।

डिसक्लेमर: इस लेख में निहित किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है, इसके उपयोगकर्ता इसे महज सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त, इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी।


Jagran.com अब whatsapp चैनल पर भी उपलब्ध है। आज ही फॉलो करें और पाएं महत्वपूर्ण खबरेंWhatsApp चैनल से जुड़ें
This website uses cookies or similar technologies to enhance your browsing experience and provide personalized recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.