आज से शुरू हुआ चातुर्मास, अगले 4 महीने तक भूलकर भी न करें ये 5 काम, वरना बढ़ेगी परेशानी
चातुर्मास आषाढ़ शुक्ल एकादशी से शुरू होता है, जब भगवान विष्णु योगनिद्रा में चले जाते हैं और शुभ कार्य वर्जित ...और पढ़ें
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चातुर्मास के क्या न करें? (Picture Credit- AI Generated)

समय कम है?
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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। वैदिक पचांग के अनुसार, हर साल आषाढ़ माह के शुक्ल एकादशी से चातुर्मास की शुरुआत होती है। इस दौरान जगत के पालनहार भगवान विष्णु योग निद्रा में शयन के लिए चले जाते हैं। इसलिए चातुर्मास में शुभ और मांगलिक काम करने की मनाही है।
चातुर्मास में सृष्टि का संचालन भगवान शिव करते हैं। शास्त्रों में चातुर्मास से जुड़े नियम के बारे में बताया गया है। ऐसा माना जाता है कि चातुर्मास के दौरान व्यक्ति को कुछ आदतों और चीजों का त्याग करना चाहिए, जिससे जीवन में सुख-शांति बनी रहती है और बिगड़े काम पूरे होते हैं। आइए में इस आर्टिकल में आपको विस्तार से बताते हैं कि चातुर्मास में कौन से काम भूलकर भी नहीं करने चाहिए।
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(Picture Credit- AI Generated)
चातुर्मास में कौन से काम न करें?
तामसिक भोजन- चातुर्मास की अवधि के दौरान मांस, मदिरा, प्याज और लहसुन का सेवन भूलकर भी नहीं करना चाहिए। चातुर्मास में सात्विक भोजन ही करना चाहिए।
व्यवहार और विचारों का त्याग- हिंदू धर्म में चातुर्मास को भजन-ध्यान करने का अधिक महत्व है। इसलिए इस दौरान सच्चे मन से देवी-देवताओं का भजन-ध्यान करें। चातुर्मास में नकारात्मक भावनाओं, गुस्से और घमंड करने से बचना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि इन गलतियों को करने से साधक को जीवन में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही जीवन में शुभ परिणाम प्राप्त नहीं होते।
विवाह और सगाई- चातुर्मास के दौरान भगवान विष्णु योगनिद्रा में होते हैं। इसलिए इस अवधि के दौरान शादी या सगाई जैसे शुभ संस्कार करने की मनाही है। इसके अलावा गृह प्रवेश या भूमि पूजन व नींव रखने जैसे कामों को भी नहीं करना चाहिए।
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मुंडन व जनेऊ- इसके अलावा चातुर्मास में बच्चों का मुंडन या उपनयन संस्कार करने की मनाही है।
नए काम की शुरुआत- चातुर्मास में कोई नया व्यवसाय या बड़ा नया कार्य शुरू करने से बचना चाहिए।
जरूर करें ये काम
चातुर्मास में दान करने का अधिक महत्व है। इसलिए चातुर्मास में गरीब लोगों या मंदिर में अन्न, वस्त्र, जल, छाता, तिल और जूते-चप्पल का दान जरूर करना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि इन चीजों का दान करने से जीवन में शुभ परिणाम प्राप्त होते हैं और किसी भी चीज की कमी नहीं होती है। इसके अलावा गायों को हरा चारा खिलाएं और उनकी सेवा करें।
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