विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

Chaitra Amavasya 2026: चैत्र अमावस्या को क्यों कहते हैं भूतड़ी अमावस्या? जानें इसके पीछे का रहस्य

Published: Thu, 12 Mar 2026 11:59 AM (IST)

साल 2026 में चैत्र अमावस्या (Chaitra Amavasya 2026) 18 मार्च को मनाई जाएगी।

Chaitra Amavasya 2026: चैत्र अमावस्या का धार्मिक महत्व। (Ai Generated Image)

Chaitra Amavasya 2026: चैत्र अमावस्या का धार्मिक महत्व। (Ai Generated Image)

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। Chaitra Amavasya 2026: हिंदू पंचांग के अनुसार, चैत्र महीने के कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि को चैत्र अमावस्या मनाई जाती है। यह दिन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि इसके साथ कुछ बेहद रहस्यमयी और डरावनी मान्यताएं भी जुड़ी हुई हैं। आइए जानते हैं कि इस अमावस्या के साथ भूत शब्द क्यों जुड़ा है और इसके पीछे का गहरा रहस्य क्या है?

Chaitra Amavasya 2026 rules 1

Ai Generated Image

क्यों पड़ा भूतड़ी अमावस्या नाम?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, चैत्र अमावस्या की रात नकारात्मक शक्तियां बहुत ज्यादा सक्रिय हो जाती हैं। इसके अलावा ये भी माना जाता है कि इस दिन चंद्रमा का प्रभाव कम होने से पृथ्वी पर भारी अंधेरा होता है, जिस वजह से नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव अधिक हो जाता है। ऐसी मान्यता है कि जिन लोगों पर नकारात्मक प्रभाव होता है, वे इस दिन पवित्र नदियों में स्नान कर उन शक्तियों से मुक्ति पा सकते हैं। इसी प्रेत बाधा से मुक्ति के कारण इसे 'भूतड़ी अमावस्या' कहा जाने लगा।

ज्योतिषीय और आध्यात्मिक वजह

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, अमावस्या पर सूर्य और चंद्रमा एक ही राशि में होते हैं, जिससे चंद्रमा का प्रभाव कम हो जाता है। चंद्रमा मन का कारक है, इसलिए इस दिन मन संवेदनशील होता है। यही वजह है कि नकारात्मक विचार या शक्तियां व्यक्ति पर जल्दी हावी हो सकती हैं। आध्यात्मिक रूप से, यह दिन अपने अंदर के काम, क्रोध, लोभ, मोह को खत्म करने का विशेष अवसर होता है।

चैत्र अमावस्या के नियम

  • सुबह किसी पवित्र नदी में स्नान करें। अगर संभव न हो, तो पानी में गंगाजल डालकर नहाएं।
  • अपने पूर्वजों के नाम पर दान और तर्पण करें। इससे पितृ दोष से मुक्ति मिलती है।
  • नकारात्मक शक्तियों से बचने के लिए हनुमान जी की पूजा करें।
  • अमावस्या की रात किसी सुनसान जगह, श्मशान या चौराहे पर जाने से बचें।

यह भी पढ़ें- Chaitra Amavasya 2026 Date: चैत्र अमावस्या कब है? नोट करें सही डेट और शुभ मुहूर्त

अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।